न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर निर्वाचन आयोग के फैसले के लिए समयसीमा तय की

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न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर निर्वाचन आयोग के फैसले के लिए समयसीमा तय की

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 02:22 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 02:22 PM IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच पार्टी के नाम और ‘‘जोड़ा फूल’’ चुनाव चिह्न को लेकर विवाद पर फैसला करने का निर्देश दिया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने दोनों प्रतिद्वंद्वी धड़ों को निर्वाचन आयोग के समक्ष चल रही कार्यवाही में चार सप्ताह के भीतर अपनी दलीलें पूरी करने को कहा।

पीठ ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद वह तीन महीने के भीतर इस मुद्दे पर फैसला करे।

उच्चतम न्यायालय ने यह आदेश पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल को अस्थायी रूप से रोकने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी थी।

निर्वाचन आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी धड़ों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे। आयोग ने विवाद पर अंतिम निर्णय होने तक दोनों समूहों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोकने का अंतरिम फैसला किया था।

निर्वाचन आयोग ने अपने अंतरिम आदेश में बनर्जी और अरूप राय के नेतृत्व वाले दोनों धड़ों के नेताओं की दलीलें सुनने के बाद कहा था कि इस मामले में चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा विस्तृत रूप से फैसला किया जाना आवश्यक है।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव छह अक्टूबर को होने हैं। मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।

भाषा गोला वैभव

वैभव