Rajmohan Unnithan OnVande Mataram: ‘इस जन्म में’ पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा, कांग्रेस सांसद के विवादित बयान से मचा बवाल, जानें ऐसा क्यों कहा? /image: Social Media
कासरगोड। Rajmohan Unnithan OnVande Mataram: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन (Congress MP Rajmohan Unnithan) ने रविवार को कहा कि केरल में ‘‘इस जन्म में’’ पूरा ‘वंदे मातरम्’ (Vande Mataram Controversy) नहीं गाया जाएगा। उन्नीथन ने कहा कि उन्हें मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन के संबंध में दिए गए किसी निर्देश की जानकारी नहीं है, लेकिन ‘‘चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें’’ इसे पूरा नहीं गाया जाएगा।
Rajmohan Unnithan OnVande Mataram उन्नीथन ने कहा, ‘‘यह उसी तरह गाया जाएगा जिस तरह अब तक गाया जाता रहा है। इससे अधिक कुछ नहीं गाया जाएगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि लोक भवन ‘‘ओछी राजनीति के केंद्र बन गए हैं और राज्यपाल अब धनबल के सहारे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसे में हम राज्यपालों से क्या न्याय की उम्मीद कर सकते हैं? वे सभी केंद्र सरकार के गुलाम बन गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वंदे मातरम के पूर्ण गायन को स्वीकार नहीं कर सकते। इस जन्म में तो बिल्कुल नहीं।’’
उनकी यह प्रतिक्रिया केरल (Vande Mataram Kerala) के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा के छह अगस्त के उस पत्र के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 2022 में शुरू किए गए इस अभियान के 2026 संस्करण को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित स्मरणोत्सव के तीसरे चरण के साथ जोड़ दिया गया है।
Rajmohan Unnithan OnVande Mataram पत्र के अनुसार, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी के बाद लिया गया। तदनुसार, पत्र में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान सभी आयोजनों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ-साथ वंदे मातरम् (Vande Mataram Kerala) का सामूहिक गायन शामिल होगा, जबकि डिजिटल भागीदारी ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल के माध्यम से होगी जहां नागरिक ‘‘तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी’’ अपलोड कर सकते हैं। यह पत्र संस्कृति मंत्रालय के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संबंध में मिले एक आदेश के बाद जारी किया गया था, जो इस वर्ष नौ से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा।
विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राष्ट्रीय गीत का पूर्ण गायन कराने संबंधी इस पत्र को जारी किए जाने की आलोचना की है और इसे वापस लेने की मांग की है।उसने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसे निर्देश जारी करके आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) के एजेंडे के आगे घुटने टेक रही है।
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