हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित
हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित
( तस्वीरों सहित )
नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब बैठक पुन: शुरु हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू करने के लिए कहा। यह विधेयक 28 जुलाई को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास मंत्री जीतन राम मांझी ने सदन में पेश किया था।
इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया।
उपसभापति ने सदस्यों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक पर चर्चा करने के लिए कहा। उन्होंने सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा। खरगे ने राम मंदिर अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा उठाना चाहा।
हरिवंश ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी ।
सदन के नेता जे पी नड्डा ने भी आसन से अनुरोध किया कि विधेयक पर चर्चा शुरू हो चुकी है तथा किसी अन्य विषय पर बोलने की अनुमति नहीं दी जाए।
इसके बाद उपसभापति ने कांग्रेस के अजय माकन से अपनी बात रखने के लिए कहा। हरिवंश ने उनसे कहा कि वह विधेयक पर ही बोलें। माकन ने कहा ‘‘ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात नहीं रखेंगे तो और कहां रखेंगे?’’
हरिवंश ने उनसे पुन: कहा कि वह विधेयक पर ही बोलें। माकन ने कहा ‘‘एमएसएमई रोजगार देने वाला क्षेत्र है और रोजगार की मांग करने वाले युवाओं के साथ क्या हुआ, यह सबने पिछले सप्ताह देखा है।’’
उपसभापति ने पुन: माकन से कहा कि वह विधेयक पर ही बोलें अन्यथा वह दूसरे वक्ता का नाम पुकारेंगे। माकन ने कहा कि वह विधेयक पर ही बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में कारपोरेट जगत को पूरी छूट दी जाती है लेकिन एमएसएमई के लिए यह बात नहीं है।
सदन में मौजूद संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आसन की ओर से बार बार विधेयक पर बोलने के लिए कहा गया लेकिन विपक्षी सदस्य विषय को भटकाते हैं। उन्होंने कहा ‘‘तीन बार कांग्रेस सदस्य को मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि वह विधेयक पर बोल रहे हैं और तीनों बार उन्होंने दूसरे विषय पर बोलना शुरू कर दिया। यह सदन की गरिमा को गिराने वाली बात है।’’
उन्होंने माकन के संबोधन को कार्यवाही से निकालने की मांग की।
इसके बाद हरिवंश ने भाजपा की सुमित्रा वाल्मीक को विधेयक पर बोलने के लिए कहा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक पर चर्चा में सुमित्रा ने और उनके बाद अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया और मंत्री जीतन राम मांझी ने चर्चा का जवाब दिया।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाये गये संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया।
इस दौरान विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान की मांग करते हुए हंगामा और नारेबाजी करते रहे।
सदन में व्यवस्था बनते न देख उपसभापति हरिवंश ने करीब साढ़े तीन बजे बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने ग्लासगो में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी। इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।
इसके बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल शुरू करते हुए मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे। इसी दौरान विपक्षी सदस्यों ने पिछले महीने दिल्ली तथा अन्य राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मुद्दे पर गृह मंत्री से जवाब देने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
विपक्षी सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भी नारे लगाए।
कुछ सदस्यों ने तख्तियां दिखाईं जिस पर आपत्ति जताते हुए सभापति ने कहा कि सदन में तख्तियां नहीं दिखाई जा सकतीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आचरण नियमों के अनुरूप नहीं है और ऐसा जारी रहने पर कार्रवाई की जाएगी।
सभापति ने शून्यकाल चलाने का प्रयास करते हुए सदस्यों के नाम पुकारे और उनसे लोकमहत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाने के लिए कहा । हंगामे के बीच ही भारतीय जनता पार्टी की दर्शना सिंह, डॉ अलका गुर्जर और मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने लोक महत्व से जुड़े अपने अपने मुद्दे उठाए।
हंगामे के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने कहा कि पहले विपक्षी सदस्य नारेबाजी बंद करें और अपनी-अपनी सीटों पर लौट जाएं।
विपक्षी दलों ने सभापति से विपक्ष के नेता को वक्तव्य देने की अनुमति देने का आग्रह किया, लेकिन लगातार जारी नारेबाजी के कारण खरगे को बोलने का अवसर नहीं मिला।
कई सदस्य अपनी सीटों पर लौट आए, लेकिन हंगामा और नारेबाजी जारी रहने के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
भाषा
मनीषा माधव
माधव

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