वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के प्रावधान वाला विधेयक राज्यसभा में पारित

वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के प्रावधान वाला विधेयक राज्यसभा में पारित

वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के प्रावधान वाला विधेयक राज्यसभा में पारित
Modified Date: July 29, 2026 / 03:17 pm IST
Published Date: July 29, 2026 3:17 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) राज्यसभा ने बुधवार को उस विधेयक को पारित कर दिया, जिसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जाएगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है।

उच्च सदन ने राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पारित किए जाने के समय कांग्रेस सहित विपक्ष के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे क्योंकि वे गृह मंत्री अमित शाह की गैर मौजूदगी सहित विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताते हुए सदन से वॉक आउट कर गये थे।

विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह विधेयक देश के लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों का प्रिय नारा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी तुष्टीकरण की नीति के कारण वंदे मातरम् को आजादी के बाद वह सम्मान नहीं प्राप्त होने दिया जो उसे प्राप्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी कारण वंदे मातरम् के केवल दो अंतरों को ही सरकार ने स्वीकार किया और इसके दो ही अंतरे सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों में गाए-बजाए जाते थे।

उन्होंने कहा कि आजादी मिलने के बाद पहले दिन प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के निर्देश पर पंडित ओंकार नाथ ठाकुर ने आकाशवाणी पर पूरा वंदे मातरम् गाया था।

इस विधेयक के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है।

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत को गाने से जानबूझ कर रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में व्यवधान पैदा करने को एक दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया जाता है।

इसमें बताया गया है कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में राजेन्द्र प्रसाद ने कहा था कि ‘‘वंदे मातरम्’’ को ‘‘जन गण मन’’ के समान ही सम्मान और बराबर का दर्जा दिया जाएगा।

इसमें कहा गया कि वर्तमान में कोई ऐसा विधिक उपबंध नहीं है जो ‘वंदे मातरम्’ गायन के अपमान को रोकता हो। विधेयक में राष्ट्रगीत के अपमान के लिए तीन वर्ष तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों के प्रावधान हैं।

भाषा माधव अविनाश मनीषा

अविनाश


लेखक के बारे में