Ram Mandir Donation Theft Case Update/Image Credit: AI
Ram Mandir Donation Theft Case Update: नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित SIT ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। 20 पन्नों की इस रिपोर्ट में करीब 150 लोगों से पूछताछ का जिक्र है। सूत्रों के मुताबिक SIT ने चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए FIR दर्ज करने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर प्रशासन में बड़े सुधार की सिफारिश की है। जांच के दौरान SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और चढ़ावा गिनने वाली एजेंसियों से पूछताछ की। टीम ने 15 से 20 जून के बीच लगातार 6 दिन मंदिर परिसर और संबंधित संस्थाओं में जांच की। शुरुआती जांच में कई वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक दस्तावेज भी खंगाले गए।
सूत्रों के मुताबिक चोरी के मामले में अब तक 5 आरोपियों की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है। (Ram Mandir Donation Theft Case Update) वहीं शुरुआती अनुमानों में चढ़ावे में गड़बड़ी का आंकड़ा 200 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल भी सामने आ रहे हैं। इस बीच सिंधी समाज ने 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों का हिसाब मांगा है। संगठन का दावा है कि करोड़ों रुपये मूल्य की चांदी ट्रस्ट को सौंपी गई थी, लेकिन उसके इस्तेमाल की कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई।
इस पूरे मामले पर सियासी बाण भी लगातार चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंपत राय के बहाने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। (Ram Mandir Donation Theft Case Update) जबकि अन्य विपक्षी दल भी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
अब सबकी नजर राज्य और केंद्र सरकार के अगले कदम पर है, क्योंकि SIT की शुरुआती रिपोर्ट ने सिर्फ चोरी के आरोपों की जांच नहीं की, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सिफारिशों पर अमल होता है तो राम मंदिर प्रशासन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। लेकिन सवाल वही क्या राम दान की लूट करने वाले महा पापियों को उनके किए की सजा मिलेगी?
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