राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक छह जुलाई को होने की संभावना, भविष्य की रणनीति पर होगा विचार
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक छह जुलाई को होने की संभावना, भविष्य की रणनीति पर होगा विचार
अयोध्या, 30 जून (भाषा) राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले और उसके बाद ट्रस्ट के दो वरिष्ठ सदस्यों के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भविष्य की रणनीति तय करने के लिए छह जुलाई को अयोध्या में बैठक होने की संभावना है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने पहले ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि बैठक सात जुलाई को होगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अब यह बैठक एक दिन पहले, यानी छह जुलाई को आयोजित किए जाने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की बैठक में इन इस्तीफों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की संभावना अधिक है।
सूत्रों के मुताबिक यदि दोनों इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो ट्रस्ट में तीन पद रिक्त हो जाएंगे। ट्रस्ट के सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद उनका पद लगभग एक वर्ष से खाली है।
सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन तथा कुछ अन्य न्यासी वृद्धावस्था और अस्वस्थता के कारण सक्रिय भूमिका में नहीं हैं।
उनका कहना है कि यदि ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाता है तो रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यदि केंद्र सरकार ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद सृजित कर नियुक्ति करना चाहती है, तो इसके लिए पहले ट्रस्ट के नियमों में संशोधन करना होगा।
कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि ट्रस्ट की नियमावली में संशोधन किए बिना सीईओ की नियुक्ति संभव नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, विहिप लंबे समय से ट्रस्ट के कामकाज के बेहतर संचालन के लिए सीईओ की नियुक्ति की पक्षधर रही है।
सीईओ पद के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का नाम पहले से चर्चा में है। अब इस पद के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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