रांची की अदालत ने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को जमानत दी
रांची की अदालत ने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को जमानत दी
(फोटो के साथ)
रांची, 11 अगस्त (भाषा) रांची की एक दीवानी अदालत ने चार दिन पहले झारखंड विधानसभा तक विरोध मार्च के दौरान ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोपी एक व्यक्ति को मंगलवार को जमानत दे दी।
आरोपी अमरनाथ पांडेय ने शुक्रवार को बोरा पर स्याही फेंकी थी, जिसके तत्काल बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी के वकील गौरव शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ अदालत ने 10-10 हज़ार रुपये के दो ज़मानती बॉण्ड भरने पर पांडेय को ज़मानत दे दी। जमानत इस शर्त पर दी गई कि आरोपी बोरा के खिलाफ किसी भी मंच पर कोई बयान नहीं देगा।’’
प्रदेश आइसा सचिव संतोष कुमार उर्फ त्रिलोकीनाथ के बयान के आधार पर पांडेय के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पांडेय ने सात मार्च को बिरसा चौक के पास बोरा पर स्याही फेंकी थी। तब आइसा, एआईएसएफ और अन्य छात्र संगठनों के समर्थक राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।
उसी दिन बाद में, पांडेय ने कहा था कि वह उन्हें पसंद नहीं करते, क्योंकि वह ‘उमर खालिद की समर्थक और देश-विरोधी’ हैं।
उमर खालिद को सितंबर 2020 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था। खालिद पर आरोप है कि वह फरवरी 2020 के दंगों के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप

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