अरुणाचल के तवांग में दुर्लभ हिमालयी मधुमक्खी दिखी

अरुणाचल के तवांग में दुर्लभ हिमालयी मधुमक्खी दिखी

अरुणाचल के तवांग में दुर्लभ हिमालयी मधुमक्खी दिखी
Modified Date: August 12, 2026 / 10:43 am IST
Published Date: August 12, 2026 10:43 am IST

ईटानगर, 12 अगस्त (भाषा) भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) के वैज्ञानिकों ने पहली बार अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में पहली बार एक दुर्लभ और अकेली रहने वाली हिमालयी मधुमक्खी ‘कोलेट्स भूटानिकस’ की मौजूदगी दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जेएसआई के वैज्ञानिकों – दिब्यज्योति घोष, के.ए. सुब्रमण्यम और धृति बनर्जी ने तवांग में हाल में किए गए एक सर्वेक्षण के दौरान इस प्रजाति को दर्ज किया।

उन्होंने कहा कि इससे पहले सी. भूटानिकस को भूटान, चीन और तिब्बत में देखा जा चुका है। अरुणाचल प्रदेश में इस मधुमक्खी के मिलने से हिमालयी परागणकर्ताओं (परागण करने वाले जीवों) के फैलाव और विविधता को समझने में मदद मिलेगी।

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मधुमक्खी 1,500 से 3,800 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाती और इसे सरसों, कुट्टू, धनिया, फलियां (बीन्स), मिर्च और बैंगन सहित 25 प्रजातियों के फूलों पर मंडराते हुए देखा गया।

शहद उत्पादन करने वाली मधुमक्खियों के विपरीत कोलेट्स मधुमक्खियां अकेले रहती हैं और बड़े समूहों या झुंड में नहीं रहतीं। ये मधुमक्खियां आम तौर पर अलग-अलग घोंसले बनाती हैं और पराग व मकरंद इकट्ठा करने के लिए फूलों के बीच घूमकर परागण में अहम भूमिका निभाती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस खोज से पूर्वी हिमालय में पाई जाने वाली मधुमक्खियों की विविधता के बारे में नयी जानकारी भी मिलती है।

अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चौना मेन ने तवांग में दुर्लभ मधुमक्खी की खोज को राज्य के लिए गर्व की बात बताया।

भाषा

सुरभि धीरज

धीरज


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