रास में सरकार से की गई विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

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रास में सरकार से की गई विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - February 4, 2026 / 01:59 PM IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) विदेशों में रह रहे भारतीयों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए बुधवार को आम आदमी पार्टी के सदस्य डॉ अशोक कुमार मित्तल ने सरकार से मांग की कि वह संबंधित देशों के समक्ष इन मुद्दों को उठाए और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कार्यवाही करे।

शून्यकाल में आप सदस्य डॉ मित्तल ने कहा कि यह मुद्दा हमारे देश के नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा ‘‘इन लोगों में से कुछ पढ़ने और कुछ नौकरी करने के लिए विदेश जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम गर्व से कहते हैं कि विदेश से 15 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा हमारे देश में आई।’’ उन्होंने दावा किया कि यह भारत में आने वाली कुल विदेशी मुद्रा का लगभग 15 प्रतिशत है।

मित्तल ने कहा कि पिछले दिनों कई लोगों को विदेशों से हथकड़ी बेड़ियों में जकड़ कर वापस भेजा गया और सरकार ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि ये लोग गलत तरीके से गए थे।

उन्होंने कहा ‘‘मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं जो वैध तरीके से विदेश गए थे और उन पर हमले हुए। भारतीय अक्सर नस्ली हमलों के शिकार होते हैं। ’’

आयरलैंड, ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका सहित कुछ देशों में भारतीयों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल वहां रह रहे भारतीयों पर ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और हमारे आत्मसम्मान पर भी हमला हैं।

मित्तल ने कहा कि कल्पना से परे है कि पीड़ित परिवारों की वेदना क्या होती होगी ? उन्होंने कहा कि भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में ऐसी 109 और 2024 में 104 घटनाएं हुईं।

आप सदस्य ने सरकार से मांग की कि वह संबंधित देशों के समक्ष इन मुद्दों को उठाए और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कार्यवाही करे।

शून्यकाल में ही राष्ट्रीय जनता दल के संजय यादव ने कहा कि देश में समानता और सामाजिक न्याय के कई पुरोधा हुए हैं और इनमें से कई तो बिहार से हैं।

उन्होंने कहा ‘‘इससे पता चलता है कि बिहार में समानता और सामाजिक न्याय की जड़ें कितनी गहरी हैं। ’’

उन्होंने सरकार से बिहार में सामाजिक न्याय पर केंद्रित एक शोध संस्थान स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार की साक्षरता दर और प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम है और गरीबी दर सबसे ज्यादा है।

यादव ने कहा ‘‘सामाजिक न्याय पर केंद्रित एक शोध संस्थान बिहार की समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगा।

बीजू जनता दल के निरंजन बिशी ने ओडिशा की कुछ भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।

द्रमुक की राजाति ने मांग की कि कोविड काल के पहले ट्रेनों में बुजुर्गों को दी जाने वाली रियायत एवं सुविधाएं अब फिर से बहाल की जाएं ताकि उनके लिए यात्रा करना सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था वंदे भारत ट्रेनों में भी होनी चाहिए।

शून्यकाल में ही भाजपा के महेंद्र भट्ट और एस सेल्वागनबेथी ने भी अपने अपने मुद्दे उठाए।

भाषा मनीषा माधव

माधव