घृणा भाषण विधेयक पर राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार: जी परमेश्वर

घृणा भाषण विधेयक पर राज्यपाल को स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार: जी परमेश्वर

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 12:51 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 12:51 PM IST

बेंगलुरु, 13 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि सरकार राज्यपाल थावरचंद गहलोत को घृणा भाषण और घृणा अपराध निवारण विधेयक पर कोई भी स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार है। यह विधेयक राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।

परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने राज्यपाल को पहले ही सूचित कर दिया है और उन्हें सभी प्रकार की व्याख्याएं प्रदान कर दी हैं, अगर वह और स्पष्टीकरण मांगेंगे तो हम उन्हें वह भी देंगे।’’

मंत्री ने कहा कि यह दूरदर्शिता के साथ लाया गया विधेयक है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक उन लोगों के खिलाफ है जो अवांछित बयान देकर समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं। साथ ही, ऐसे बयानों के दुष्परिणाम भी होते हैं। इनका समाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए, हमने इस पर व्यापक चर्चा के बाद यह विधेयक पेश किया है।’’

मंत्री ने कहा कि विधानसभा में विधेयक पेश करते समय उन्होंने यह व्याख्या की थी।

परमेश्वर ने कहा, ‘‘विपक्षी दल भाजपा ने विधेयक का विरोध किया था। हमने इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा है। वह कोई भी स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। हम उनके सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।’’

इस विधेयक के अनुसार कोई भी अभिव्यक्ति, जो सार्वजनिक रूप से शब्दों में, चाहे बोलकर या लिखकर, संकेतों द्वारा, दृश्य प्रस्तुतियों द्वारा, इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से या किसी अन्य तरीके से, किसी जीवित या मृत व्यक्ति, व्यक्तियों के वर्ग या समूह या समुदाय के विरुद्ध आहत करने, असामंजस्य पैदा करने, शत्रुता, घृणा या दुर्भावना की भावना उत्पन्न करने के इरादे से की जाती है, या किसी पूर्वाग्रही हित को पूरा करने के लिए की जाती है, वह घृणा भाषण है।

इस विधेयक में एक लाख रुपये तक के जुर्माने और सात साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है।

भाषा शोभना वैभव

वैभव