असली अपराधी बच निकले, एनआईए स्थानीय लोगों को परेशान कर रही : ममता ने मालदा घटना पर कहा

असली अपराधी बच निकले, एनआईए स्थानीय लोगों को परेशान कर रही : ममता ने मालदा घटना पर कहा

असली अपराधी बच निकले, एनआईए स्थानीय लोगों को परेशान कर रही : ममता ने मालदा घटना पर कहा
Modified Date: April 4, 2026 / 03:15 pm IST
Published Date: April 4, 2026 3:15 pm IST

मालदा (बंगाल), चार अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि मालदा जिले के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हिंसा के असली आरोपी फरार हो गए जबकि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) निर्दोष स्थानीय लोगों को पकड़कर परेशान कर रहा है।

मालदा के मानिकचक में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद ‘विचाराधीन’ मामलों की जांच कर रहे न्यायिक अधिकारियों के पास जाने के बजाय मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल कराने के लिए न्यायाधिकरणों में आवेदन करें।

उन्होंने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के संदर्भ में कहा, ‘‘दो सांप्रदायिक दलों ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया और भाग निकले। अब एनआईए स्थानीय युवाओं को परेशान कर रही है। जांच के नाम पर करीब 50 निर्दोष लोगों को उठा लिया गया है।’’

जब बनर्जी ने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि किन-किन के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, तो बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाए, जिसे देखकर उन्होंने आश्चर्य जताया।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने मंच पर मौजूद पार्टी के स्थानीय नेताओं से कहा, ‘‘हमें राजनीतिक रैलियां और सभाएं करने की जरूरत नहीं है। मेरी प्राथमिकता इन लोगों की मदद करना है, ताकि वे न्यायाधिकरणों में आवेदन देकर अपने नाम फिर से जुड़वा सकें।’’

उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा, ‘‘किसी उकसावे में न आएं। भाजपा हिंसा भड़काना चाहती है और फिर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर लोगों को पकड़ती है, जैसा मोथाबाड़ी में हुआ।’’

बुधवार को मालदा जिले के मोथाबाड़ी इलाके में एक बड़े प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर सात न्यायिक अधिकारियों को स्थानीय बीडीओ कार्यालय में बंधक बना लिया गया था, जबकि एक अन्य अधिकारी को करीब नौ घंटे तक वाहन में बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर हमला किया।

अब तक इस मामले में राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद निर्वाचन आयोग ने एनआईए को इस घटना की जांच सौंपी है।

भाषा

गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में