अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में गंगा दशहरा पर धार्मिक अनुष्ठानों की धूम
अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में गंगा दशहरा पर धार्मिक अनुष्ठानों की धूम
अयोध्या/वाराणसी/मथुरा, 25 मई (भाषा) अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राजा राम की प्राण-प्रतिष्ठा और राम दरबार के उद्घाटन की पहली वर्षगांठ मंगलवार को गंगा दशहरा के अवसर पर मनाई जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने सोमवार को बताया कि इस अवसर पर रामलला को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा, राम परिवार का विशेष श्रृंगार होगा, यज्ञशाला में हवन होगा तथा मंदिर में अभिषेक और पूजा-अर्चना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि रामलला का दरबार ‘फूल बंगला’ और फूलों की सजावट से सजाया जाएगा। मंदिर की पहली मंजिल पर वाल्मीकि रामायण का पाठ होगा और शाम को पूरा परिसर भक्ति गीतों से गूंज उठेगा।
मिश्रा के अनुसार, पिछले वर्ष पांच जून को अयोध्या में राजा राम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी और राम दरबार का उद्घाटन हुआ था, जिसमें सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां स्थापित हैं।
राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है। यह 360 फुट लंबा, 235 फुट चौड़ा और 161 फुट ऊंचा है। तीन मंजिला इस मंदिर में 392 नक्काशीदार स्तंभ, 44 दरवाजे और हिंदू देवी-देवताओं की कलात्मक नक्काशियां हैं।
अधिकारियों के अनुसार, गंगा दशहरा के मद्देनजर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने सरयू घाटों और राम की पैड़ी का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को समय से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
वाराणसी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार गंगा दशहरा के अवसर पर वाराणसी के 84 घाटों पर मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि इस अवसर पर मां गंगा का विशेष अनुष्ठान किया जाएगा और शाम को 51 लीटर दूध से गंगा का अभिषेक किया जाएगा।
इस अवसर पर बनारस घराने के प्रख्यात कथक कलाकार पंडित माता प्रसाद मिश्रा और उनके पुत्र रुद्रशंकर मिश्रा कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। दशाश्वमेध घाट पर 11 पुरोहित मां गंगा की आरती करेंगे, जबकि 22 युवतियां ‘ऋद्धि’ और ‘सिद्धि’ के प्रतीक रूप में इसमें भाग लेंगी।
मथुरा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वहां भी गंगा दशहरा का पर्व मनाया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में पवित्र स्नान किया।
अधिकारियों के अनुसार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। श्री यमुना मंदिर के सेवायत संजय चतुर्वेदी ने बताया कि स्नान से पहले गंगा और यमुना से अनुमति लेने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और दूध व फूलों से नदी की पूजा की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस दिन सुराही, हाथ का पंखा, खीरा, खरबूजा और सतुआ दान करने का विधान है तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में गुलकंद और खस का शरबत वितरित किया जाता है।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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