जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरम्मत कार्य तेज, मुगल रोड यातायात के लिए खुली

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरम्मत कार्य तेज, मुगल रोड यातायात के लिए खुली

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरम्मत कार्य तेज, मुगल रोड यातायात के लिए खुली
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: June 23, 2022 2:33 pm IST

रामबन/जम्मू, 23 जून (भाषा) मरम्मत कार्य के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा।

इस बीच, मौसम की स्थिति में सुधार होने और सड़क साफ करने के अभियान के पूरा होने के बाद राजमार्ग पर फंसे 600 से अधिक वाहनों को निकाल दिया गया।

भारी बारिश के परिणामस्वरूप हुए भूस्खलन के कारण मंगलवार शाम से बंद राजमार्ग पर फंसे बाकी 1,400 वाहनों को भी निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

व्यक्तिगत रूप से सड़क की मरम्मत एवं निकासी कार्यों की निगरानी कर रहे रामबन के उपायुक्त मुसरत इस्लाम ने कहा कि राजमार्ग पर हुई भूस्खलन की 30 घटनाओं में से 25 के मलबे को हटा दिया गया है।

भारी बारिश के चलते रामबन और उधमपुर जिलों में 33 स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर टूटकर गिरने की घटनाओं के कारण राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। इसके अलावा, सड़क का 150 फीट लंबा हिस्सा भी टूटकर पानी में बह गया था।

यातायात अधिकारियों ने कहा, ‘बनिहाल रामबन सेक्टर में राजमार्ग पर पांच से छह बंद स्थानों पर यातायात बहाली का काम चल रहा है। देर शाम तक इस सेक्टर में यातायात एक बार फिर शुरू हो जाने की उम्मीद है।’

जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण मुगल रोड को यातायात के लिए खोल दिया गया है। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन के कारण मुगल रोड भी दो दिनों तक बंद रही थी।

राष्ट्रीय राजमार्ग इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शब्बीर अहमद मलिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात की जल्द बहाली सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। भारी बारिश के परिणामस्वरूप हुए भूस्खलन और पत्थरों के टूटकर गिरने की घटनाओं के कारण मंगलवार शाम से बंद राजमार्ग को काफी हद तक साफ कर दिया गया है।”

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, पंथियाल और बनिहाल के बीच फंसे 600 से अधिक ट्रक और यात्री वाहनों को निकालकर कश्मीर में उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है, जबकि बाकी 1,400 वाहनों को निकालने की कोशिशें जारी हैं।

भाषा रवि कांत पारुल

पारुल


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