टिफिन बैठकों, जीईएम पोर्टल और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर मंत्रालयों से मांगी गई रिपोर्ट

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टिफिन बैठकों, जीईएम पोर्टल और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर मंत्रालयों से मांगी गई रिपोर्ट

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  • Publish Date - August 23, 2022 / 12:35 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:45 PM IST

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा, अधिकारियों के साथ टिफिन बैठकें करने और सार्वजनिक खरीद के लिए ऑनलाइन मंच ‘‘जीईएम पोर्टल तथा केंद्र की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सुझाए गए कदमों की प्रगति के बारे में मंत्रालयों से विवरण मांगा गया है।

शासन को अधिक दक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर अपनी मंत्रिपरिषद को यह सुनिश्चित करने का सुझाव दिया कि उनके मंत्रालयों द्वारा कोई भी खरीदी जेईएम पोर्टल के माध्यम से की जाए।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रिपरिषद को यह भी सुझाव दिया था कि सदस्य अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर टिफिन बैठकें करें और इस दौरान विचारों का आदान-प्रदान करें।

उनके मुताबिक मोदी ने सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी प्रचारित और प्रसारित करने तथा उन्हें लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने पर भी जोर दिया था।

सूत्रों ने बताया कि अब मंत्रालयों से इन सुझाए गए कदमों के कार्यान्वयन और उनकी प्रगति को लेकर विवरण मांगा गया है। उनके मुताबिक इसका उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना था।

पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने, प्रौद्योगिकी-आधारित संसाधनों को विकसित करने, अपनी टीम में पेशेवर लोगों को शामिल करने और सभी मंत्रियों के कार्यालयों में अपनाई जाने वाली अन्य समान पहलों को और अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद को आठ समूहों में विभाजित किया था।

यह कवायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए ‘‘चिंतन शिविरों’’ के बाद की गई थी। चिंतन शिविर की प्रत्येक बैठक लगभग पांच घंटे तक चली थी।

चिंतन शिविर के ऐसे कुल पांच सत्र आयोजित किए गए थे। इनमें व्यक्तिगत दक्षता, केंद्रित क्रियान्वयन, मंत्रालयों के कामकाज और हितधारकों की भागीदारी, पार्टी के साथ समन्वय, प्रभावी संचार और संसदीय प्रथाओं पर पर एक-एक सत्र हुआ था।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र मनीषा

मनीषा