आरक्षण देश के लिए जरूरी है : अभाविप

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आरक्षण देश के लिए जरूरी है : अभाविप

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 11:34 AM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 11:34 AM IST

(कोमल शर्मा)

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने कहा कि वह आरक्षण का समर्थन करता है और यह व्यवस्था देश के लिए जरूरी है। संगठन ने कहा कि आरक्षण खत्म करने की मांग करने वालों को इस मुद्दे को विस्तार से समझने की जरूरत है।

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि संगठन का मानना है कि सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए और इसी वजह से आरक्षण जरूरी है।

एमबीबीएस स्नातक सोलंकी ने कहा, ‘‘संविधान में आरक्षण का प्रावधान है और आरक्षण जारी रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभाविप हमेशा आरक्षण के साथ खड़ी रही है। हमने लगातार कहा है कि देश में आरक्षण जरूरी है।’’

मौजूदा आरक्षण नीति में सुधार या इसे समाप्त करने की कुछ समूहों की मांग के बारे में पूछे जाने पर सोलंकी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ऐसी मांग करने वालों को इस मुद्दे की विस्तृत समझ होने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझने की जरूरत है कि देश की जरूरत क्या है।’’

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि छात्र संगठन की विचारधारा सामाजिक समरसता पर आधारित है और उसका मानना है कि सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आरक्षण जरूरी है।’’

आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ नामक इंस्टाग्राम पेज की अपील के बाद 21 अगस्त को दिल्ली में कई लोग एकत्र हुए थे।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि सरकारी सहायता और आरक्षण के लिए पात्रता तय करने में जाति के बजाय आर्थिक मानदंड को प्राथमिकता दी जाए।

सरकार ने प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले समूह के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था। केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने एक बैठक में उनके साथ ‘‘सौहार्दपूर्ण चर्चा’’ की थी।

यह पूछा गया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में होने के कारण अभाविप छात्रों के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने में खुद को सीमित महसूस करती है? इस पर सोलंकी ने कहा, ‘‘अभाविप का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। सरकार भाजपा की हो या गैर-भाजपा की… हम छात्रों के मुद्दों पर मजबूती से और आक्रामक तरीके से काम करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि अभाविप छात्रों के हर मुद्दे को हमेशा टकराव के जरिए हल करने की कोशिश नहीं करती है और अक्सर बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशती है।

सोलंकी ने कहा, ‘‘कभी-कभी बातचीत के जरिए समाधान निकल सकता है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो अभाविप संघर्ष करने के लिए तैयार है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों के मुद्दों पर हम बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं।’’

भाषा गोला मनीषा

मनीषा