मुनंबम के निवासियों को बेदखल नहीं किया जाएगा, गतिरोध के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार : सतीशन

मुनंबम के निवासियों को बेदखल नहीं किया जाएगा, गतिरोध के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार : सतीशन

मुनंबम के निवासियों को बेदखल नहीं किया जाएगा, गतिरोध के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार : सतीशन
Modified Date: May 25, 2026 / 05:00 pm IST
Published Date: May 25, 2026 5:00 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 25 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को आश्वासन दिया कि मुनंबम भूमि विवाद से प्रभावित लोगों को उनके घरों से बेदखल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने विवादित भूमि पर वक्फ बोर्ड के दावे का समर्थन करके सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिशों को अप्रत्यक्ष रूप से मदद पहुंचाई थी।

सतीशन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमने फैसला किया है कि इन पीड़ितों को उनकी जगहों से बेदखल नहीं किया जाएगा। उनकी सुरक्षा की जाएगी। उन्हें उनकी जमीन मिलेगी। इसके लिए हम अंत तक लड़ेंगे।”

उन्होंने कहा, “जब हम विपक्ष में थे, तब भी यही हमारा रुख था और अब भी हम उसी रुख पर कायम हैं।”

उनकी यह टिप्पणी एक दिन बाद आई, जब के एस हमजा ने दोहराया कि मुनंबम जैसी विवादित जमीनें वक्फ संपत्ति हैं और इन्हें राज्य की अन्य वक्फ संपत्तियों के साथ उम्मीद पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है।

सतीशन ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड द्वारा मुनंबम की जमीन को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने का फैसला राजनीतिक रूप से प्रेरित था और इसका उद्देश्य वर्तमान सरकार को इस मुद्दे का जल्द समाधान करने से रोकना था।

उन्होंने कहा, “उन्होंने तय कर लिया है कि इस मुद्दे का समाधान 10 मिनट में नहीं होना चाहिए। यही वजह है कि जमीन को पोर्टल पर दर्ज किया गया।”

यह कहते हुए उन्होंने अपने पहले के उस दावे का भी उल्लेख किया कि इस विवाद का समाधान बहुत तेजी से किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली एलडीएफ सरकार के मंत्री सार्वजनिक रूप से मुनंबम के निवासियों को यह आश्वासन दे रहे थे कि उन्हें बेदखल नहीं किया जाएगा, लेकिन सरकार की कार्रवाई कुछ और ही संकेत दे रही थी।

उन्होंने कहा, “पिछली सरकार के तहत वक्फ बोर्ड ने विवादित मुनंबम भूमि को वक्फ पोर्टल में दर्ज करने का फैसला किया। इसका मतलब है कि पिछली सरकार यह तर्क दे रही थी कि यह वक्फ की जमीन है।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर ये गरीब पीड़ित अतिक्रमणकारी बन जाएंगे। हम इसका समाधान करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने संघ परिवार पर भी आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को लेकर समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वामपंथी सरकार ने भी अप्रत्यक्ष रूप से उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद की।

उन्होंने आरोप लगाया, “अब यह बिल्कुल स्पष्ट हो गया है कि उन्होंने भी सीधे तौर पर वही संघ परिवार का एजेंडा लागू किया, जिसका उद्देश्य दो धर्मों के बीच विभाजन पैदा करना था।”

मुनंबम भूमि विवाद केरल में एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बनकर उभरा है, जहां कई निवासी अपनी जमीन के स्वामित्व की स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदर्शन कर रहे निवासियों को समर्थन दिया है और दावा किया है कि संशोधित वक्फ अधिनियम उनकी चिंताओं के समाधान में मदद करेगा।

चर्च द्वारा संचालित मलयालम दैनिक ‘दीपिका’ ने सोमवार को अपने संपादकीय में केरल राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा विवादित मुनंबम भूमि को केंद्र के उम्मीद पोर्टल पर पंजीकृत करने की कड़ी आलोचना की और मांग की कि इस अधिसूचना को वापस लिया जाए।

दीपिका (मलयालम दैनिक) ने अपने संपादकीय में यह भी कहा कि राज्य में नई कांग्रेस-नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। साथ ही उसने सतीशन के पहले दिए गए उस बयान को भी याद दिलाया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो मुनंबम मुद्दा “10 मिनट” में हल किया जा सकता है।

भाषा रंजन मनीषा

मनीषा

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