निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि जनता ने ‘सांप्रदायिक राजनीति’ को नकार दिया: माकपा

निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि जनता ने 'सांप्रदायिक राजनीति' को नकार दिया: माकपा

निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि जनता ने ‘सांप्रदायिक राजनीति’ को नकार दिया: माकपा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: January 3, 2021 7:17 pm IST

तिरुवनंतपुरम, तीन जनवरी (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ माकपा ने रविवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों से पता चलता हैं कि राज्य की जनता ने उनकी ”सांप्रदायिक राजनीति” को नकार दिया है और वे वाम दलों के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के साथ खड़े हैं।

माकपा की राज्य इकाई के प्रभारी सचिव ए विजयराघवन ने कहा, ”सभी वाम दल ”धर्मनिरपेक्षता को बरकरार” रखते हुए मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लडेंगे।”

राज्य समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले और बाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा।

विजयराघवन ने कहा, ”स्थानीय निकाय चुनाव से पहले और बाद में माकपा कार्यकर्ताओं को हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा और पार्टी ने बीते पांच महीने में छह कार्यकर्ता खो दिये। हालांकि पार्टी ने संयम बनाये रखा और आम लोगों का ध्यान इन अत्याचारों की ओर दिलाने का फैसला किया।”

उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने सांप्रदायिक एजेंडे की वजह से राज्य में कोई चुनावी लाभ हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि वाम दलों ने श्रमजीवी वर्ग और किसानों के वोट प्राप्त कर चुनाव में जीत हासिल की।

भाषा जोहेब देवेंद्र

देवेंद्र


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