तृणमूल के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर निर्वाचन आयोग के आदेश की ऋतब्रत बनर्जी ने की सराहना

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तृणमूल के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर निर्वाचन आयोग के आदेश की ऋतब्रत बनर्जी ने की सराहना

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 11:24 AM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 11:24 AM IST

कोलकाता, 18 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें तृणमूल कांग्रेस के दोनों विरोधी गुटों को पार्टी का नाम और ‘घास पर दो फूल’ वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है।

इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत ने कहा कि लोकतंत्र में ‘‘तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है’’।

बागी तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी को निजी कंपनी की तरह नहीं चलाया जा सकता और किसी राजनीतिक संगठन का कोई ‘वारिस’ नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘एक बात साफ है: लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं है।’’

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश ने यह दिखा दिया है कि ‘‘वंशवादी राजनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है’’।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक पार्टी कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं होती और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का कोई वारिस हो सकता है। यह साबित हो चुका है।’’

निर्वाचन आयोग का यह आदेश तृणमूल कांग्रेस में आई दरारों के बीच आया है। ये दरारें पहले विधानसभा में दिखीं, फिर संसदीय स्तर तक पहुंच गईं और अब पार्टी की पुरानी पहचान चुनाव चिह्न और उसके नाम तक पहुंच गई हैं।

बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में, निर्वाचन आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ को लेकर विवाद में शामिल दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनावों के लिए पार्टी के नाम और उसके ‘दो फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करें। आयोग ने उनसे शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा।

आयोग ने कहा कि इस बारे में जब तक फैसला नहीं हो जाता, तब तक किसी भी गुट को नंदीग्राम और रेजीनगर में छह अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम या आरक्षित ‘दो फूल और घास’ चिह्न का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस संस्थापक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे ने आयोग के आदेश पर नाराजगी ज़ाहिर की।

पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी समर्थकों के लिए ममता बनर्जी ही राजनीतिक चेहरा हैं।

घोष ने आरोप लगाया कि केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम से राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं होगी।

भाषा वैभव रंजन

रंजन