मुंबई, 18 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में सूखे जैसी स्थिति को गंभीरता से ले रही है और इससे निपटने तथा किसानों को राहत देने के लिए कदम उठा रही है।
कम बारिश के कारण उत्पन्न मौजूदा स्थिति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की ओर से लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करेगी।
फडणवीस ने कहा, ‘‘पवार साहब एक वरिष्ठ नेता हैं। यह खुशी की बात है कि उन्होंने पत्र भेजा है। मैं इसे कोई राजनीतिक रंग नहीं देना चाहता। मुझे लगता है कि राज्य सरकार वह सब कर रही है, जो उसे करना चाहिए। अगर हमें उनसे सुझाव मिले हैं या उन्होंने ऐसी स्थिति में कोई सुझाव दिया है, तो हम निश्चित रूप से उन पर ध्यान देंगे।”
पवार ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी और फसलों के नुकसान को देखते हुए फडणवीस से तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था। वरिष्ठ नेता ने अन्य उपायों के अलावा गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों को सूखा क्षेत्र घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (एनडीआरएफ) के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का इंतजार किए बिना किसानों को सहायता उपलब्ध कराएगी।
फडणवीस ने कहा कि एनडीआरएफ के तहत राहत के प्रस्ताव के लिए जरूरी फसल नुकसान का आकलन पांच अक्टूबर के बाद किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े मामले में निर्वाचन आयोग के फैसले की कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचना के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की ‘मानसिकता’ अराजकतावादी है और उनका उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है।
निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को छह अक्टूबर को होने वाले पश्चिम बंगाल उपचुनाव के दौरान अस्थायी रूप से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस नाम और उसके ‘जोडा घास फूल’ चुनाव चिह्न को मतपत्र से हटा दिया। इसके साथ ही आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को करीब तीन दशक से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी से जुड़ी राजनीतिक पहचान का इस्तेमाल करने से रोक दिया।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि, ‘‘गांधी का उद्देश्य यह है कि लोगों का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा खत्म हो जाए और जब ऐसा होगा तो लोकतंत्र पर से भी भरोसा स्वत: उठ जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘गांधी हाथ में संविधान लेकर यह धारणा पैदा कर रहे हैं कि इसके प्रति लोगों की आस्था खत्म हो जाए।’’
भाजपा नेता ने कहा कि गांधी इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि भारत के लोगों ने उनके नेतृत्व को नकार दिया है।
भाषा संतोष पवनेश
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