‘इंडिया’ गठबंधन मानसून सत्र में राम मंदिर और नीट पेपर लीक के मुद्दे उठाएगा: राजद नेता सुधाकर सिंह
‘इंडिया’ गठबंधन मानसून सत्र में राम मंदिर और नीट पेपर लीक के मुद्दे उठाएगा: राजद नेता सुधाकर सिंह
(अंजलि ओझा)
नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने रविवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा मामले और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरेगा। साथ ही, वे विपक्षी दलों में विभाजन करके दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की भाजपा की कथित कोशिशों का भी विरोध करेंगे।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक होना है।
रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में बिहार के बक्सर से सांसद सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संख्या बल हासिल करने की कोशिश में विपक्षी दलों को कमजोर करने की राजनीतिक रणनीति अपना रही है।
सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा देश भर में विपक्षी दलों में विभाजन करके दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है। ‘इंडिया’ गठबंधन एकजुट होकर इसका विरोध करेगा। हम हर अहम मुद्दे को उठाएंगे जिसमें राम मंदिर चढ़ावा चोरी और पेपर लीक से लेकर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक शामिल है।’’
विपक्षी सांसदों के हालिया पाला बदलने और आगे भी ऐसा होने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह चिंता पूरे ‘इंडिया’ गठबंधन की है।
राजद नेता ने आरोप लगाया, ‘‘पहले, पाला बदलना कानून के दायरे में होता था। आज ऐसा लगता है कि उन सुरक्षा उपायों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। हर विपक्षी दल चिंतित है क्योंकि सत्ताधारी पार्टी अपने दम पर जरूरी संख्या बल न होने के बावजूद अपने प्रतिद्वंद्वियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।’’
सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष को कमजोर करने की भाजपा की कोशिशें संविधान को कमजोर करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘2024 का लोकसभा चुनाव संविधान को बचाने के मुद्दे पर लड़ा गया था। लोग पूछते थे कि संविधान को कैसे कमजोर किया जा सकता है। आज हम इसे बनते हुए कानूनों और उठाए जा रहे कदमों के जरिए होते हुए देख रहे हैं।’’
निर्वाचन आयोग की एसआईआर का जिक्र करते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि यह कवायद नागरिकों के मतदान अधिकारों पर हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वोट देने का अधिकार एक लोकतांत्रिक अधिकार है। अगर मतदाता सूची से असली मतदाताओं के नाम हटा दिए जाएं तो सरकारों को बैलेट के बजाय मतदाता सूची के जरिए बदला जा सकता है। एक बार जब आप मतदाता सूची पर कब्जा कर लेते हैं, तो आप चुनाव पर भी कब्जा कर लेते हैं।’’
राजद सांसद ने कहा कि विपक्ष ‘एक देश, एक चुनाव’, परिसीमन और ऐसे ही दूसरे कदमों का भी पुरजोर विरोध करेगा, जो ‘‘संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर’’ करते हैं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक के कथित मामले को ‘‘राष्ट्रीय संकट’’ बताते हुए सिंह ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।
भाषा शफीक नरेश
नरेश

Facebook


