झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले अवजल का विवरण नहीं देने पर लगा 50 हजार रुपये जुर्माना
झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले अवजल का विवरण नहीं देने पर लगा 50 हजार रुपये जुर्माना
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले अवजल का विवरण देने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
एनजीटी ने दूसरी बार बोर्ड के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है।
इससे पहले मार्च 2026 में भी एनजीटी ने झुग्गी बस्तियों से निकलने वाले अवजल का पूरा विवरण न देने के लिए डीयूएसआईबी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।
न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने 21 मई के आदेश में कहा कि डीयूएसआईबी अब तक अवजल का पूरा विवरण देते हुए अपना जवाब दाखिल नहीं कर पाया है।
पीठ ने कहा कि झुग्गी बस्तियां अनुपचारित सीवेज को बरसाती नालों में छोड़े जाने का एक प्रमुख स्रोत हैं।
पीठ ने कहा, “अधिकरण ने 24 मार्च 2026 की कार्यवाही में इस बात पर गौर किया था कि डीयूएसआईबी को कई अवसर दिए जाने के बावजूद उसने जवाब दाखिल नहीं किया था, जिसके बाद उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।”
पीठ ने कहा, “उपरोक्त आदेशों के बावजूद डीयूएसआईबी ने सहयोगात्मक रवैया नहीं अपनाया है और समय पर जवाब दाखिल नहीं कर रहा है, जिससे कार्यवाही में अनावश्यक देरी हो रही है। इसलिए, इस तरह के आचरण के लिए हम डीयूएसआईबी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाते हैं।”
भाषा जोहेब माधव
माधव

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