रूबियो ने भारत-विरोधी बयानबाजी के आरोपों को तवज्जो नहीं दी, कहा-ट्रंप मोदी के ‘बहुत बड़े प्रशंसक’
रूबियो ने भारत-विरोधी बयानबाजी के आरोपों को तवज्जो नहीं दी, कहा-ट्रंप मोदी के ‘बहुत बड़े प्रशंसक’
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने देश में भारत-विरोधी बयानबाजी की घटनाएं बढ़ने के आरोपों को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।
रूबियो का यह बयान उस विवाद की पृष्ठभूमि में आया, जो रविवार को एक पत्रकार के सवाल पर उनके जवाब का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शुरू हुआ। पत्रकार ने अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लभेद के कथित मामलों के बारे में सवाल पूछा था।
हालांकि, पत्रकार ने कोई विवरण नहीं दिया था, लेकिन कई लोगों ने उसके सवाल को ट्रंप की उन टिप्पणियों से जोड़कर देखा, जिनमें उन्होंने भारत और चीन को “नरक” कहा था और दोनों देशों के लोगों पर अमेरिका की जन्मजात नागरिकता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था।
रूबियो द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के मकसद से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। भारत और अमेरिका के संबंध पिछले साल के मध्य से तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।
रूबियो ने कहा, “राष्ट्रपति (ट्रंप) भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते, तो मैं यहां नहीं होता। वह सर्जियो (गोर) जैसे किसी व्यक्ति को यहां (भारत) हमारा राजदूत बनाकर नहीं भेजते, जो उनके (ट्रंप) बेहद करीबी हैं।”
अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह बात सोमवार सुबह उस समय कही, जब एक पत्रकार ने उक्त विवाद को लेकर सवाल पूछा और कहा कि रविवार को पत्रकार ने शायद ट्रंप की ओर से भारतीयों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों की ओर इशारा किया था।
अमेरिका के विदेश विभाग ने नस्लभेद वाले सवाल पर रूबियो की प्रतिक्रिया को अन्य टिप्पणियों के साथ ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। हालांकि, कुछ घंटे बाद उसने संबंधित सवाल और उस पर रूबियो की प्रतिक्रिया को ‘एक्स’ से हटा दिया।
रूबियो ने कहा कि उन्होंने पत्रकार से स्पष्ट रूप से पूछा कि वह किसकी बात कर रहा है, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “असल बात यह है कि आजकल आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, जहां लोग तरह-तरह की बेतुकी बातें करते दिखते हैं। मुझे तो पता भी नहीं कि वे असली लोग हैं या वे कौन हैं।”
रूबियो ने कहा कि उन्हें लगा कि पत्रकार इंटरनेट पर लोगों की ओर से की जाने वाली टिप्पणियों की ओर इशारा कर रहा था।
पत्रकार ने पूछा था, “अमेरिका की ओर से भारतीयों और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ लगातार नस्लभेदी टिप्पणियां की जा रही हैं। आप जानते हैं कि यह भारत-अमेरिका संबंधों के मूल सिद्धांत के खिलाफ है। आप इस पर क्या कहेंगे?”
जब रूबियो ने पत्रकार से पूछा कि उसका इशारा किसकी तरफ है, तो पत्रकार ने जवाब में कहा, “हम सबने उन टिप्पणियों को देखा है। हमने उन टिप्पणियों को समर्थन मिलते देखा है।”
इसके बाद रूबियो ने टिप्पणी की, “हर देश में मूर्ख लोग होते हैं।”
रूबियो ने इस सवाल का भी जवाब दिया कि क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान को लेकर कोई चिंता जाहिर की थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “नहीं, मेरा मतलब है, देखिए, वे उन चीजों को लेकर चिंतित हैं, जिन्हें लेकर वे हमेशा चिंतित रहते हैं। भारत हमेशा इस बात की ओर इशारा करता है कि पाकिस्तानी क्षेत्र से सशस्त्र आतंकवादी समूह संचालित हो रहे हैं, जो भारत को निशाना बनाते हैं – वे हमेशा इस बारे में चिंतित रहते हैं।”
रूबियो ने कहा, “लेकिन ईरान के मामले में मध्यस्थ के रूप में उसकी (पाकिस्तान) भूमिका का मुद्दा कभी नहीं उठा। मुझे नहीं लगता कि वे (भारत) इस बारे में शिकायत करेंगे; पाकिस्तान के साथ उनके मुद्दे अलग हैं।”
भाषा पारुल संतोष
संतोष

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