छत्रपति संभाजीनगर, 17 सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर मराठवाड़ा क्षेत्र के विकास कार्यों में हो रही कथित देरी को लेकर हमला बोला और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दलों में इस क्षेत्र की समस्याओं पर बात करने की हिम्मत नहीं है।
मराठवाड़ा महाराष्ट्र राज्य का एक प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक क्षेत्र है। यह क्षेत्र राज्य के मध्य-पूर्वी भाग में स्थित है और इसका प्रशासनिक मुख्यालय छत्रपति संभाजीनगर है।
मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों, फसल नुकसान और राज्य में सूखे जैसे हालात से प्रभावित खेतिहरों के लिए राहत की मांग से जुड़े मुद्दे उठाए।
ठाकरे ने ‘मराठवाड्याचा विकास: तुम से ना हो पायेगा’ (मराठवाड़ा का विकास: तुमसे न हो पाएगा) शीर्षक वाले पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नीत महायुति सरकार फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने में विफल रही है।
इस कार्यक्रम का आयोजन ‘हैदराबाद मुक्तिसंग्राम दिन’ के अवसर पर किया गया था, जिसे ‘मराठवाड़ा मुक्ति दिवस’ के रूप में भी जाना जाता है। भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन वर्तमान मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र को, जो तब तत्कालीन हैदराबाद रियासत का हिस्सा था, 13 महीने बाद निजाम के शासन से मुक्ति मिली थी।
शिवसेना (उबाठा) के नेता ने दावा किया कि मराठवाड़ा के आठ जिलों में 60,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य लंबित हैं।
ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर नयी दिल्ली की यात्रा करने को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री (फडणवीस) प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने दिल्ली गए। सत्तारूढ़ दलों के खेमे में शामिल हुए (दूसरे दलों के) सांसदों या (भाजपा के) उनके अपने विधायकों और सांसदों में से किसी में भी यहां के लंबित विकास के बारे में बोलने की हिम्मत नहीं है। लेकिन मराठवाड़ा का संघर्ष का इतिहास रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने निजाम के शासन से इस क्षेत्र को मुक्त कराने के लिए सेना भेजी थी। लेकिन भाजपा ने बलों/सेना का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए किया, क्योंकि उसके पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है।’
राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं।
किसानों की दुर्दशा को उजागर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मराठवाड़ा के लातूर जिले के एक किसान का एक बैल बिजली गिरने से मर गया, तो सरकार ने दूसरा बैल देने की व्यवस्था की, लेकिन वह भी बीमार निकला।
उन्होंने सवाल किया, ‘ये लोग एक किसान को एक स्वस्थ बैल तक उपलब्ध नहीं करा सकते। ये यहां (मराठवाड़ा) के लोगों की देखभाल कैसे करेंगे?’
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर समाचार पत्रों में विज्ञापन दिए जाने को लेकर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा और कहा कि विज्ञापनों पर खर्च की गई राशि मराठवाड़ा के विकास के लिए देनी चाहिए थी।
भाषा
सुमित माधव
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