अगर डिजिटल मंच भारतीय कानूनों का उल्लंघन करें तो ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण वापस हो: दुबे

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अगर डिजिटल मंच भारतीय कानूनों का उल्लंघन करें तो ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण वापस हो: दुबे

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 04:27 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 04:27 PM IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया मंच ‘सत्ता विरोधी’ और ‘लोकतंत्र विरोधी’ सामग्री को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी अवैध विषयवस्तु पर रोक लगाने में नाकाम रहे हैं।

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष दुबे ने कहा कि समिति ने एकमत से सिफारिश की है कि अगर सोशल मीडिया कंपनियां भारतीय कानूनों का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें मिलने वाला ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण वापस ले लिया जाए।

सोशल मीडिया कंपनियों के लिए ‘सेफ हार्बर’ एक ऐसा कानूनी संरक्षण है जो उन्हें अपने मंच पर उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए जिम्मेदार या उत्तरदायी होने से बचाता है।

भाजपा सांसद की यह टिप्पणी संसदीय समिति की सोशल और डिजिटल मंचों के प्रतिनिधियों के साथ उनके विनियमन पर चर्चा करने के लिए हुई बैठक के एक दिन बाद आई।

मेटा, गूगल, एक्स, यूट्यूब और स्नैपचैट के प्रतिनिधि समिति के सामने पेश हुए थे।

संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए, दुबे ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ऐसे समय में ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण प्रदान किया जब सोशल मीडिया मंच मौजूद नहीं थे।

उन्होंने कहा, ‘‘जब 2000 में आईटी कानून आया, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि व्हॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे मंच अस्तित्व में आएंगे। सेफ हार्बर इसलिए दिया गया था, क्योंकि अगर कोई इंटरनेट का इस्तेमाल करके कोई अपराध करता है, तो बीएसएनएल, एमटीएनएल, रिलायंस और एयरटेल जैसे इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ये सोशल मीडिया कंपनियां बाद में आईं।’

दुबे ने कहा कि तब से संसद ने ऐसे कानून बनाए हैं जिनके तहत ‘इंटरमीडियरीज’ (मध्यवर्ती) को अवैध सामग्री हटानी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में पोर्नोग्राफिक (बच्चों के संबंध में अश्लील) सामग्री की इजाजत नहीं दी जा सकती। बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री डालना घृणित अपराध है। महिलाओं के एआई से बने फर्जी वीडियो या महिलाओं को अश्लील तरीके से दिखाना भी घृणित अपराध है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह राजनीतिक दलों, धर्म और जाति से ऊपर है क्योंकि यह देश बच्चों और महिलाओं के मामले में बहुत संवेदनशील है।’’

कुछ मंचों पर इन नियमों को असरदार तरीके से लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए दुबे ने कहा, ‘सबसे बुरी बात यह है कि वे बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री हटाते तक नहीं हैं। यह ऑनलाइन बनी रहती है।’

दुबे ने आरोप लगाया कि कुछ समूह लोगों को लुभाने और नए सदस्य बनाने के लिए पोर्न और यौन सामग्री के साथ विज्ञापनों का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया मंच ‘सत्ता विरोधी’ और ‘लोकतंत्र विरोधी’ सामग्री को तरजीह देकर नए संगठनों को बढ़ावा देते हैं।

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘पिछले एक सप्ताह में आरक्षण विरोधी विषयवस्तु को 80 लाख व्यूज मिले, कॉजपा को तीन करोड़ व्यूज मिले, भाजपा को एक करोड़ व्यूज मिले, कांग्रेस को 1.5 करोड़, समाजवादी पार्टी को 20 लाख व्यूज़ मिले, और आम आदमी पार्टी को 10 लाख व्यूज़ मिले। आप इस तरह से दूसरों को क्यों प्रचारित कर रहे हैं?’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया कंपनियां यह नहीं बतातीं कि कितने यूज़र ‘वीपीएन’ के माध्यम से उनके प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच बनाते हैं।

दुबे ने आरोप लगाया, ‘‘उनके पास इस बात का कोई हिसाब नहीं है कि कितने लोग वीपीएन के ज़रिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल करते हैं, भले ही यहां वीपीएन पर पाबंदी है।’

फेसबुक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक वीडियो को अस्थायी तौर पर हटाए जाने का ज़िक्र करते हुए, दुबे ने कहा कि समिति के सभी सदस्य एकमत से सहमत हैं कि यह मुद्दा गंभीर है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस देश के प्रधानमंत्री का कंटेंट रात 12.30 बजे से सुबह 5.30 बजे तक पांच घंटे के लिए हटाया और डिलीट रखा जा सकता है, तो इससे ज्यादा गंभीर मुद्दा कोई नहीं हो सकता। सिर्फ माफी काफी नहीं होगी। (मार्क) जकरबर्ग को माफी मांगनी होगी।’’

दुबे ने दावा किया कि समिति ने आम-सहमति से उन मंचों के लिए ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण का प्रावधान वापस लेने की सिफारिश की है जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘पूरी समिति ने एकमत से सिफारिश की है कि अगर आप बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री नहीं हटाते हैं, महिलाओं को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक विषयवस्तु को नहीं हटाते हैं, और सरकारी सामग्री को सही अहमियत दिए बिना देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा देते रहते हैं, तो आपका सेफ हार्बर संरक्षण वापस ले लिया जाएगा।’’

दुबे ने इस मुद्दे पर तेलंगाना में दर्ज प्राथमिकी का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘रेवंत रेड्डी कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं। फिर भी, मैं उन्हें प्राथमिकी दर्ज किए जाने के लिए बधाई देता हूं।’’

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश