पश्चिम एशिया में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है: जायसवाल

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पश्चिम एशिया में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है: जायसवाल

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 10:12 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच, भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान एक पोत पर हुए हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई और एक लापता हो गया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और कल्याण हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इजराइल समेत क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन देशों के साथ-साथ ईरान के अपने समकक्षों के साथ नियमित संपर्क में हैं।

जायसवाल ने कहा, ‘‘हम अपने नागरिकों, जीसीसी और पश्चिम एशियाई देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस क्षेत्र में हमारे सभी मिशन समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में हैं।’’

उन्होंने कहा कि वाणज्यिक जहाजों से जुड़ी घटनाओं में दो भारतीयों की मौत हो गई है और एक लापता है।

जायसवाल ने कहा, ‘‘जीसीसी क्षेत्र में घायल हुए कुछ अन्य भारतीयों की देखभाल की जा रही है। उनका इलाज जारी है और हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ लगातार संपर्क में हैं।’’

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों से जुड़ी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और भारतीय दूतावास प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में भारत के लगभग एक करोड़ नागरिक रहते हैं और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता बनी हुई है।

भारतीय दूतावासों ने क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को नियमित रूप से परामर्श जारी किया है जबकि राजदूत और महावाणिज्यदूत समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनसे बातचीत कर रहे हैं।

वर्तमान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक ईरान में हैं, और भारतीय दूतावास इस समुदाय के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए हुए है।

जायसवाल ने कहा कि नागरिकों को विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े रहने का परामर्श दिया गया है ताकि उन्हें नवीनतम जानकारी मिल सके।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश