Vande Bharat: युद्ध की आग, रसोई पर मार! सिलेंडर की किल्लत को लेकर गरमाई सियासत, आखिर कब सुधरेंगे हालात?

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Vande Bharat: ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश ने गैस के भंडारों पर ऐसा ग्रहण लगाया किन्याय के गलियारों और आस्था के केंद्र हर जगह किल्लत दिखना शुरू हो गई है।

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 12:01 AM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 12:01 AM IST

Vande Bharat/ Image Source: File

HIGHLIGHTS
  • ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश ने गैस के भंडारों पर लगाया ग्रहण।
  • दिल्ली हाईकोर्ट से लेकर अयोध्या की राम रसोई तक 'मेनकोर्स' पर ताला लगा दिया है।
  • वहीं आम जनता सड़कों पर सिलेंडर के लिए दौड़ लगा रही है।

Vande Bharat: नई दिल्ली: ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश ने गैस के भंडारों पर ऐसा ग्रहण लगाया कि न्याय के गलियारों और आस्था के केंद्र हर जगह किल्लत दिखना शुरू हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट से लेकर अयोध्या की राम रसोई तक, गैस सिलेंडर की किल्लत ने ‘मेनकोर्स’ पर ताला लगा दिया है। संसद के बाहर विपक्ष का भारी विरोध प्रदर्शन जारी है, (Vande Bharat) तो वहीं आम जनता सड़कों पर सिलेंडर के लिए दौड़ लगा रही है।

संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाइए कि देश की राजधानी में दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में सिलेंडर खत्म हो गए हैं। नतीजतन, वहां मिलने वाला ‘मेनकोर्स’ यानी भरपेट खाना बंद कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के बस्ती से हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां गैस एजेंसी खुलते ही लोग खाली सिलेंडर लेकर ऐसे दौड़ पड़े जैसे कोई मैराथन हो बस्ती और औरंगाबाद की दो खिड़कियों में आप देख सकते हैं कि जनता के बीच कैसी अफरा-तफरी मची है.. इंदौर में भी लोग लाइन में लगे हैं।

इधर, सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। विपक्ष ने संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार को घेरा है। वहीं, यात्रा करने वाले मुसाफिरों के लिए भी बुरी खबर है। IRCTC ने कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि ट्रेन की पैंट्री में उपलब्ध गैस का सीमित इस्तेमाल हो सके। इसका सीधा असर रेल यात्रियों की थाली पर पड़ने वाला है। (Vande Bharat) दुखद बात यह है कि राम रसोई जैसे सेवा केंद्रों में भी कैंटीन बंद होने की कगार पर है, जिससे सेवा कार्यों में बड़ी बाधा आ रही है। देश में गहराते गैस संकट और बिगड़ते हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने 5 प्रमुख रणनीतिक कदम उठाए हैं।

सबसे पहले, पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी गठित की है, जो चौबीसों घंटे सप्लाई की निगरानी करेगी।साथ ही, गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को पूरी तरह रोकने के लिए देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लागू कर दिया गया है। (Vande Bharat) आम उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग संभव होगी। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। अंततः, घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सभी रिफाइनरीज को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश में LPG उत्पादन में 10% का इजाफा दर्ज किया गया है।

प्रधानमंत्री ने खुद पेट्रोलियम मंत्री और विदेश मंत्री के साथ लंबी बैठक की है। सरकार का दावा है कि, स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर कतारें छोटी होने का नाम नहीं ले रही हैं।

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