नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) नीलामी घर ‘सैफ्रोनआर्ट’ ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने लगातार दो “व्हाइट ग्लव” नीलामियों के जरिए कुल 301.45 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की, जिसमें एक बड़ा हिस्सा राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से आया, जो 167.20 करोड़ रुपये में बिकी।
“व्हाइट ग्लव” नीलामी का मतलब होता है कि नीलामी में रखी गई सभी वस्तुएं 100 प्रतिशत बिक जाएं।
मुंबई स्थित इस नीलामी घर ने एक-दो अप्रैल को अपनी स्प्रिंग लाइव और ऑनलाइन नीलामी आयोजित की।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘लाइव और ऑनलाइन दोनों नीलामियों में 100 प्रतिशत वस्तुएं बिकीं, जिनसे क्रमशः 286.26 करोड़ रुपये और 15.17 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई और ये दोनों असाधारण ‘व्हाइट ग्लव’ नीलामियां साबित हुईं।’’
नीलामी का मुख्य आकर्षण राजा रवि वर्मा की प्रतिष्ठित पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ रही, जिसने अपने 120 करोड़ रुपये के उच्च अनुमान को पार करते हुए दक्षिण एशियाई कला की किसी भी कृति के लिए अब तक की सबसे अधिक कीमत का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
सैफ्रोनआर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक दिनेश वजीरानी ने कहा, ‘‘हम 2026 की नीलामी की शुरुआत इतने मजबूत परिणाम के साथ करके बेहद उत्साहित हैं। राजा रवि वर्मा के लिए यह ऐतिहासिक नया मानक स्थापित हुआ है। यह खास है कि भारतीय कला की सबसे महंगी कृति का रिकॉर्ड अब आधुनिक भारतीय कला के जनक के नाम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय उपलब्धि हमारी 25वीं वर्षगांठ के बाद आई है, जो रिकॉर्ड तोड़ नीलामियों से भरी रही और भारतीय कला बाजार की तेज़ी से बढ़ती प्रगति को आगे बढ़ा रही है।’’
सैफ्रोनआर्ट के अनुसार, इन नीलामियों में कुल 145 वस्तुएं शामिल थीं।
लाइव नीलामी में एम एफ हुसैन की ‘अनटाइटल्ड (बनारस)’ 15.60 करोड़ रुपये में बिकी, एस एच रजा की “कुंडलिनी” 14.40 करोड़ रुपये में बिकी और वी एस गायतोंडे की ‘अनटाइटल्ड’ (1950 के दशक) 5.16 करोड़ रुपये में बिकी, जो उसके उच्च अनुमान से दोगुनी से अधिक थी।
नीलामी में वैश्विक स्तर पर नए कलाकार रिकॉर्ड भी बने, जिनमें शांति दवे की “द ग्रुप” 1.02 करोड़ रुपये में बिकी, लतिका काट्ट की “फेंस” 45.60 लाख रुपये में, प्रकाश कर्माकर की “कॉन्फ्लिक्ट सीरीज़” 44.64 लाख रुपये में और हाकू शाह की “फैमिली” 26.40 लाख रुपये में बिकी।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा