जयपुर, आठ फरवरी (भाषा) राजस्थान में मेडिकल पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हर चिकित्सा महाविद्यालय में एक समग्र कल्याण केंद्र और राज्य स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य कल्याण प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल ने चिकित्सा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए गठित राज्य स्तरीय कार्य बल की पहली बैठक में इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय कार्य बल की रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं और मानसिक कल्याण के लिए प्रशासनिक व शैक्षणिक ढांचे में सुधार के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने कहा,” छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में एक समग्र कल्याण केंद्र और राज्य स्तर पर एक मानसिक स्वास्थ्य कल्याण प्रकोष्ठ की स्थापना तुरंत की जाए। साथ ही प्रत्येक संस्थान में एक डीन की नियुक्ति की जाएगी, जो विशेष रूप से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों की निगरानी करेंगे।”
मेडिकल विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आयुक्त ने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और हॉस्टल में सुरक्षात्मक उपायों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत ‘छतों की बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के साथ-साथ संपूर्ण महाविद्यालय परिसर में प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण प्रणाली के तहत एक विद्यार्थी ऐप बनाया जाएगा।
भाषा बाकोलिया जोहेब
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