Sameer Wankhede Defamation Case: समीर वानखेड़े को लगा बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने मानहानि मामले में सुनवाई से किया इनकार
Sameer Wankhede Defamation Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
Sameer Wankhede Defamation Case/ Image Source- IBC24 Archive
- पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
- हाई कोर्ट ने समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
- समीर वानखेड़े ने शाहरुख, गौरी और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के खिलाफ 2 करोड़ की मानहानि का केस ठोका था।
Sameer Wankhede Defamation Case: नई दिल्ली: पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े ने हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान उनकी पैंटी गौरी खान और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट के खिलाफ 2 करोड़ की मानहानि का केस ठोका था। समीर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि, शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान की वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ ने उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाया है।
याचिका दोबारा दाखिल करने की हाईकोर्ट ने दी इजाजत
Sameer Wankhede Defamation Case: वहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिका में मांगी गई राहतों पर गौर करते हुए कहा कि यह यहां विचार के लायक नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने समीर वानखेड़े को याचिका में संशोधन करने और फिर से दाखिल करने की इजाजत दे दी।
Delhi High Court questions the maintainability of Sameer Wankhede’s defamation suit against Netflix & Red Chillies over “Bads of Bollywood.”* Justice Kaurav: “Your plaint is not maintainable.”
Court notes Wankhede’s plaint lacks proper averments under Section 9 CPC (paras…
— ANI (@ANI) September 26, 2025
समीर ने याचिका में लगाए ये आरोप
Sameer Wankhede Defamation Case: समीर वानखेड़े ने अपनी याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि, ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ सीरीज को उनकी प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर बदनाम करने के इरादे से बनाया गया है। यह भी कहा था कि इस सीरीज में ड्रग्स विरोधी एंजेंसियों को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है, जिससे जनता के अंदर उन एजेंसियों को लेकर विश्वास कम होता है।
समीर वानखेड़े का कहना है कि, सीरीज़ में उन्हें एक भ्रष्ट अफसर की तरह दिखाया गया है, जो वास्तविकता से कोसों दूर है। उनके अनुसार, जांच से जुड़ी घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है जिससे लोगों का विश्वास कानून और जांच एजेंसियों से उठे। उनके हिसाब से ये उनको बदनाम करने की साजिश है। वानखेड़े ने ये भी दावा किया है कि शो में एक सीन के दौरान एक किरदार “सत्यमेव जयते” बोलने के बाद अश्लील इशारा करता है। ये न सिर्फ अशोभनीय है बल्कि राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से संबंधित कानूनों का उल्लंघन भी है। उनका कहना है कि शो का कंटेंट आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नियमों के खिलाफ है और ये सीधे तौर पर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान है।


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