मनमोहन सिंह को ‘निशाना’ बनाने वाले संघ परिवार को उनसे माफी मांगनी चाहिए: सतीशन

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मनमोहन सिंह को ‘निशाना’ बनाने वाले संघ परिवार को उनसे माफी मांगनी चाहिए: सतीशन

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 11:05 AM IST,
    Updated On - July 30, 2026 / 11:05 AM IST

तिरुवनंतपुरम, 30 जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘‘निशाना’’ बनाने वाले संघ परिवार और मीडिया के एक वर्ग को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिवंगत कांग्रेस नेता को आरोपमुक्त करार दिए जाने के बाद उनसे माफी मांगनी चाहिए।

सतीशन ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक और ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में सिंह के एक कथन का उल्लेख किया, ‘‘मैंने क्या किया और क्या नहीं, इसका फैसला इतिहास करेगा। मुझे विश्वास है कि इतिहास मेरे प्रति मीडिया की तुलना में अधिक उदार होगा।’’

मुख्यमंत्री ने लिखा कि दिवंगत कांग्रेस नेता सही थे।

सतीशन ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘डॉ. मनमोहन सिंह, आप कितने सही थे। अगर हम पीछे मुड़कर देखें कि आपकी नेतृत्व के बिना देश किस स्थिति में होता, तो आपकी असल महानता का पता चलता है। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को 11 साल पुराने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले का निपटारा कर दिया। न्यायालय ने उनके खिलाफ अधीनस्थ अदालत के रुख को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निर्दोष घोषित किया।’’

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े एक मामले में सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद कर दी और उनके खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया।

मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर 2024 को निधन हो गया था। इस हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले में अब उन्हें औपचारिक रूप से आरोपमुक्त कर दिया गया है।

शीर्ष अदालत ने कहा था कि अधीनस्थ अदालत के न्यायाधीश के पास केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ को खारिज कर मामले का संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था।

सतीशन ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘एक ऐसे घोटाले को लेकर उन्हें निशाना बनाने वाले संघ परिवार और मीडिया के एक वर्ग को उनसे ईमानदारी से माफी मांगनी चाहिए, जिसका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं था।’’

उन्होंने कहा कि सिंह एक मजबूत और संवेदनशील नेता होने के साथ-साथ सच्चे राजनेता थे। उन्होंने कहा कि देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा और अटूट ईमानदारी हमेशा राष्ट्र की स्मृति में अंकित रहेगी।

भाषा सिम्मी प्रचेता

सिम्मी