जेएनयू में दीपिका पादुकोण के जाने पर सरकार का बयान, केवल कलाकार ही क्यों? आम आदमी भी रख सकते हैं राय

जेएनयू में दीपिका पादुकोण के जाने पर सरकार का बयान, केवल कलाकार ही क्यों? आम आदमी भी रख सकते हैं राय

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  • Publish Date - January 8, 2020 / 11:14 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

नई दिल्‍ली। जेएनयू में हुई हिंसा के खिलाफ पूर्व छात्रों के कार्यक्रम में मंगलवार रात अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के पहुंचने के बात विवाद शुरू हो गया है, कुछ लोग दीपिका का समर्थ कर रहे हैं तो कुछ उनके ​इस कदम को गलत बता रहे हैं। इस विषय पर सरकार की भी राय आयी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि केवल कलाकार ही क्यों, कोई भी आम आदमी राय व्यक्त करने के लिए कहीं भी जा सकता है, इस पर आपत्ति नहीं हो सकती।

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बता दें कि दीपिका पादुकोण हमले में घायल छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष से मुलाकात की, दीपिका अपनी आगामी फिल्म ‘छपाक’ के प्रचार के लिए दिल्ली आई हुई थीं। वहीं मुख्तार अब्बास नकवी ने ने कहा कि कौन कहां जाता है इसमें कोई किसी को रोक तो नहीं सकता है। यह एक लोकतांत्रिक देश है और हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। कोई फिल्म की प्रमोशन के लिए जाता है और कोई फिल्म की प्रमोशन के लिए इवेंट तैयार करता है।

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जावड़ेकर ने कहा कि देश के किसी हिस्से में कहीं भी हिंसा हो, तब हम उसकी भर्त्सना करते हैं। हमारा परिपक्व लोकतंत्र है और सभी को अपनी राय रखने का अवसर है। इसलिये हिंसा का देश में कोई स्थान नहीं है। सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसा स्थान होता है जहां लोग पढ़ने जाते हैं, ऐसे में हिंसा का वहां कोई स्थान नहीं है।

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जावड़ेकर ने कहा कि जेएनयू में सेमेस्टर का पंजीकरण का कार्य शुरू हुआ था और सभी छात्र यह कर रहे थे। तब कुछ छात्र संघों ने तय किया कि इसे नहीं होने देंगे। सभी ने देखा कि किस तरह से सर्वर को ब्लॉक किया गया। यह शिक्षा विरोधी काम है।