राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू, स्कूल रिकॉर्ड से हटेंगे विद्यार्थियों के अपमानजनक नाम

राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू, स्कूल रिकॉर्ड से हटेंगे विद्यार्थियों के अपमानजनक नाम

राजस्थान में ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू, स्कूल रिकॉर्ड से हटेंगे विद्यार्थियों के अपमानजनक नाम
Modified Date: April 14, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: April 14, 2026 8:13 pm IST

जयपुर, 14 अप्रैल (भाषा) राजस्थान में स्कूल रजिस्टर में दर्ज “शेरू”, “शैतान” जैसे विद्यार्थियों के अजीबोगरीब या अपमानजनक नाम हटाए जा सकते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार ने “सार्थक नाम अभियान” शुरू किया है।

इस पहल का उद्देश्य उन चिंताओं को दूर करना है कि ऐसे नामों वाले छात्रों को अक्सर उपहास और आत्मसम्मान की कमी का सामना करना पड़ता है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, “जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, ऐसे नाम कभी-कभी शर्मिंदगी का कारण बनते हैं और उनके आत्मसम्मान को प्रभावित कर सकते हैं। नाम बच्चे की पहचान और व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

उन्होंने बताया कि बिना दीर्घकालिक प्रभाव को ध्यान में रखे कई बार ऐसे नाम रख दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा, “कई मामलों में नाम अनजाने में या सामाजिक कारणों से रखे जाते हैं, लेकिन बाद में बच्चे हीनभावना महसूस करने लगते हैं।”

अभियान के तहत शिक्षा विभाग ने सरकारी और निजी स्कूलों में ऐसे लगभग 2,000 से 3,000 नामों की पहचान की है और करीब 3,000 सार्थक विकल्पों की सूची तैयार की है।

अधिकारियों ने बताया कि इसमें लड़कियों के लिए 1,541 और लड़कों के लिए 1,409 नाम शामिल हैं, साथ ही उनके अर्थ भी दिए गए हैं, जिन्हें अभिभावकों के साथ साझा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि व्यक्ति का नाम उसकी सामाजिक पहचान और मूल्यों को दर्शाता है, और नकारात्मक या त्रुटिपूर्ण नाम बच्चे के मानसिक विकास और आत्मविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे छात्रों की पहचान करें और अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों के माध्यम से संवाद कर सकारात्मक नाम अपनाने के लिए प्रेरित करें।

मंत्री ने यह भी कहा कि जाति-आधारित या अपमानजनक शब्दों को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “ऐसे शब्द दर्ज नहीं होने चाहिए जिन्हें ऐतिहासिक रूप से अपमानजनक रूप में इस्तेमाल किया गया है। उनके स्थान पर सम्मानजनक विकल्प अपनाए जाने चाहिए।”

अधिकारियों ने बताया कि नया दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रवेश के समय सुझाई गई सूची से नाम चुनने का विकल्प दिया जाएगा, जबकि मौजूदा छात्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

वरिष्ठ अधिकारी अभियान के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे और समय-समय पर इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे।

भाषा बाकोलिया खारी

खारी


लेखक के बारे में