छात्र जीवन से ही राजनीतिक सोच वाले थे सतीशन : दोस्तों और परिवार ने कहा

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छात्र जीवन से ही राजनीतिक सोच वाले थे सतीशन : दोस्तों और परिवार ने कहा

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 01:17 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 01:17 PM IST

( के प्रवीण कुमार )

कोच्चि, 19 मई (भाषा) केरल के नए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के कॉलेज के दिनों के दोस्त और परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह छात्र जीवन से ही तेज राजनीतिक समझ रखने वाले नेता रहे हैं।

सतीशन के 43 वर्ष पुराने मित्र और यहां के सेक्रेड हार्ट कॉलेज, थेवरा के पूर्व छात्र रंजीत थम्पी ने कॉलेज यूनियन चुनाव का एक दिलचस्प किस्सा याद करते हुए कहा कि सतीशन की राजनीतिक सूझबूझ उस समय भी साफ दिखाई देती थी।

थम्पी ने बताया कि उस समय कांग्रेस की छात्र इकाई केएसयू के नेता सतीशन एक बेहतरीन वक्ता और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के प्रतिभागी थे। कॉलेज चुनाव में केएसयू के सामने एसएफआई का एक बेहद लोकप्रिय उम्मीदवार था, जो अपने गायन कौशल के कारण छात्रों में काफी चर्चित था।

उन्होंने कहा कि सतीशन ने ही सुझाव दिया था कि केएसयू के उम्मीदवार को भी गाना गाने के लिए तैयार किया जाए ताकि लोकप्रिय प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला किया जा सके।

थम्पी ने हंसते हुए कहा, “हम लोग मेरे घर के बरामदे में बैठकर केएसयू उम्मीदवार को मलयालम गीत ‘नी मधु पकरू’ गाने का अभ्यास कराते थे।”

उन्होंने बताया कि बाद में सतीशन ने इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा बना दिया।

थम्पी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “जब उम्मीदवार प्रचार के लिए कक्षाओं में जाता था, तो सतीशन पहले ही कुछ केएसयू समर्थकों को वहां बैठा देते थे, जो छात्रों के बीच से यह सवाल उठाते थे कि क्या हमारा उम्मीदवार भी प्रतिद्वंद्वी की तरह गा सकता है।”

उन्होंने कहा कि इसके बाद उम्मीदवार हर कक्षा में वही गीत गाता था और छात्रों से तुरंत जुड़ाव बना लेता था। अंततः वह चुनाव जीत गया।

थम्पी ने कहा, “इतनी कम उम्र में भी सतीशन एक रणनीतिकार थे।”

सतीशन के कॉलेज के पूर्व उप-प्राचार्य फादर ऑस्टिन मुलावरिक्कल ने कहा कि वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद पढ़ाई में भी अच्छे थे।

उन्होंने कहा, “मुझे उन्हें कभी डांटने की नौबत नहीं आई, जबकि उस समय परिसर में राजनीतिक तनाव के कारण कई छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ती थी।”

सतीशन के बड़े भाई ने बताया कि उन्होंने शुरुआती पढ़ाई नेट्टूर के एसवी यूपी स्कूल और बाद में पनानगड के श्री गोविंद मेनन हायर सेकेंडरी स्कूल में की। इसके बाद वह सेक्रेड हार्ट कॉलेज में दाखिल हुए।

उन्होंने कहा, “वह स्कूल के समय से ही कक्षा में नेता थे और हाईस्कूल तक यह भूमिका निभाते रहे। कॉलेज के दिनों में वह राजनीति में काफी सक्रिय हो गए।”

सतीशन के परिवार में दो बड़े भाई, दो छोटे भाई और एक छोटी बहन हैं। उनके बड़े भाई ने कहा कि परिवार को कभी इस बात की चिंता नहीं हुई कि राजनीति उनकी पढ़ाई को प्रभावित करेगी।

उन्होंने कहा, “आमतौर पर माता-पिता बच्चों के राजनीति में आने पर चिंतित होते हैं, लेकिन हमारी मां राजनीतिक रूप से जागरूक थीं, इसलिए हमें कोई समस्या नहीं हुई।”

सतीशन के एक भाई ने बताया कि उनकी मां का उन पर गहरा प्रभाव था। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने जाति व्यवस्था पर महात्मा गांधी के विचार सुनने के बाद खुद भी इस विषय पर अलग ढंग से सोचना शुरू किया था।

सेक्रेड हार्ट कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य फ्रैंकलिन जॉन ने कहा कि कॉलेज को अपने पूर्व छात्र के मुख्यमंत्री बनने पर गर्व है।

उन्होंने कहा, “हमारे यहां से पूर्व वित्त मंत्री के एम मणि और थॉमस आइजैक जैसे कई बड़े नेता निकले हैं, लेकिन वी डी सतीशन राज्य के पहले ऐसे पूर्व छात्र हैं जो मुख्यमंत्री बने हैं।”

सतीशन के पैतृक गांव नेट्टूर में रहने वाले उनके पड़ोसी जयन ने कहा कि वह बचपन से ही उच्च मूल्यों वाले व्यक्ति माने जाते थे और पढ़ने के बेहद शौकीन थे।

परिवार के पुराने घर को अब तोड़ दिया गया है और उसी जमीन पर भाइयों और बहन ने अलग-अलग मकान बना लिए हैं। सतीशन के छोटे भाई अजयकुमार अब भी वहीं रहते हैं।

सतीशन के बड़े भाई ने कहा, “मुझे लगता है कि राजनीति से संन्यास लेने के बाद सतीशन भी यहां अपनी जमीन पर घर बनाएंगे।”

हालांकि, जब उनसे कहा गया कि राजनीति में वास्तव में कोई संन्यास नहीं होता, तो उन्होंने जवाब दिया कि सतीशन शायद बहुत लंबे समय तक राजनीति में नहीं रहेंगे।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव