कोलकाता, 19 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के आयोजक सताद्रु दत्त ने राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और तीन अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया कि पिछले साल दिसंबर में सॉल्ट लेक स्टेडियम में मची अफरा-तफरी के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं तथा उन्हें (दत्त को) इस पूरे मामले में ‘‘बलि का बकरा’’ बनाया गया।
दत्त ने सोमवार शाम विधाननगर दक्षिण थाने में पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राजीव कुमार, कोलकाता नगर निगम की पार्षद जुइन विश्वास तथा सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव शांतनु बसु के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
गिरफ्तारी के बाद 38 दिन जेल में रहे आयोजक ने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सॉल्ट लेक स्टेडियम के नाम से पहचाने जाने वाले विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगण में 13 दिसंबर 2025 को आयोजित इस बहुचर्चित कार्यक्रम के दौरान मैदान के प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ की गई, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त कर दी गई और कार्यक्रम में व्यवधान डाला गया।
दत्त ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे और मेरे परिवार को धमकी दी गई कि अगर मैंने मुंह खोला तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मेरे पास चुप रहने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन नहीं होता तो मैं कभी यह शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।’’
दत्त ने यह शिकायत, भाजपा सरकार के नवनियुक्त खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक की ओर से मेस्सी प्रकरण की जांच का आदेश देने की घोषणा के बाद दर्ज कराई है।
मेस्सी विवाद पिछले वर्ष दिसंबर में सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था से जुड़ा है, जहां महंगे दामों पर टिकट खरीदने के बावजूद हजारों दर्शक अत्यधिक भीड़भाड़, कथित राजनीतिक हस्तक्षेप और सुरक्षा में चूक के कारण मेस्सी को नहीं देख पाए थे। बाद में दर्शकों के एक वर्ग ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी की थी।
दत्त ने आरोप लगाया कि विस्वास ने अपने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत लोगों को मैदान में प्रवेश करने दिया जिन्होंने मेस्सी को परेशान किया, जिससे फुटबॉल खिलाड़ी को वहां से जाना पड़ा और हजारों प्रशंसक निराश हुए।
दत्त ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास ने मुझे लगभग 22,000 निःशुल्क टिकट (वीवीआईपी, वीआईपी और सामान्य श्रेणी समेत) जारी करने के लिए मजबूर किया और इन टिकटों को बाद में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी में बेचा गया। इसके अलावा पूर्व खेल मंत्री ने मुझ पर बार-बार दबाव डाला कि मैं 10,000 अतिरिक्त पास बनाऊं, ताकि उनके करीबी मैदान में प्रवेश कर मेस्सी को बिल्कुल करीब से देख सकें।’’
दत्त ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ पहले से चर्चा और बार-बार चेतावनी के बावजूद मंत्री और उनकी टीम ने मैदान पर फुटबॉलर की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल तोड़े।
दत्त ने कहा कि उन्हें ‘‘बलि का बकरा बनाया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूर्व खेल मंत्री और अन्य के खिलाफ अदालत में 50-50 करोड़ रुपये के दो दीवानी मुकदमे दायर करने की तैयारी कर रहा हूं। पहला मुकदमा मुझे हुए नुकसान के मुआवजे के लिए और दूसरा मेरी छवि धूमिल करने के लिए मानहानि का होगा।’’
भाषा
खारी वैभव
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