सावरकर प्रश्नोत्तर विवाद में शामिल पाए गए और शिक्षकों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई: केरल के मंत्री

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सावरकर प्रश्नोत्तर विवाद में शामिल पाए गए और शिक्षकों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई: केरल के मंत्री

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 01:20 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 01:20 PM IST

कासरगोड, 10 अगस्त (भाषा) केरल के शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने सोमवार को कहा कि एक प्रश्नोत्तरी में हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर से जुड़े विवादित उत्तर के मामले में यदि और शिक्षक शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रश्नावली में सावरकर को ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के रूप में बताया गया था, जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे अधिक सजा दी थी।

सामान्य शिक्षा विभाग के महानिदेशक स्नेहिल कुमार सिंह ने रविवार को आदेश जारी कर कासरगोड के कुंबला उपजिले में स्थित सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय (एयूपीएस) पल्लथड़का के शिक्षक गुरु प्रसाद को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ही प्रश्नावली तैयार की थी।

कुंबला और मंजेश्वर उपजिलों के अंतर्गत आने वाले निम्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च विद्यालय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर की सामाजिक विज्ञान क्लब ‘फ्रीडम क्विज 2026’ का आयोजन छह अगस्त को किया गया था।

निचली प्राथमिक वर्ग की प्रश्नावली में 15 मुख्य प्रश्न और पांच अतिरिक्त निर्णायक प्रश्न शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि पांचवें प्रश्न में पूछा गया था, ‘वह कौन-से स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे अधिक सजा दी?’ इसके उत्तर के तौर पर वी. डी. सावरकर का नाम दिया गया था।

इस प्रश्न और उसके उत्तर को लेकर विवाद खड़ा हो गया और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद शिक्षा अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।

उन्होंने कहा, “सामान्य शिक्षा विभाग में कई पाठ्येतर गतिविधियां होती हैं। इनके लिए मंजूरी मिली हुई है और एक आधिकारिक कैलेंडर भी है। यह विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता इनमें से किसी का हिस्सा नहीं है। इसे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय स्तर पर आयोजित किया गया था।”

मंत्री ने कहा कि गतिविधि चाहे कोई भी हो, विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने कहा, “विभागीय अनुशासन बनाए बिना शिक्षा विभाग की योजनाओं का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए करना सही नहीं है। इसलिए इस मामले में कुछ अनुशासनात्मक मुद्दे जुड़े हुए हैं। इसी तरह यह स्पष्ट है कि यह काम किसी गंभीर निजी हित के लिए किया गया था।”

शम्सुद्दीन ने कहा कि जब उन्हें इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने सामान्य शिक्षा विभाग के महानिदेशक और सचिव को इसकी जांच करने का निर्देश दिया।

भाषा तान्या वैभव

वैभव