न्यायालय ने अपने ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के अध्ययन के लिए सार्वजनिक पहुंच के अनुरोध वाली याचिका खारिज की

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न्यायालय ने अपने ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के अध्ययन के लिए सार्वजनिक पहुंच के अनुरोध वाली याचिका खारिज की

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 07:42 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 07:42 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए बुधवार को वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें न्यायालय की मामला प्रबंधन प्रणाली में इस्तेमाल किए जा रहे ‘फ्री एंड ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर’ का आम लोगों को अध्ययन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।

हालांकि ‘फ्री एंड ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर’ (एफओएसएस) का सोर्स कोड आम लोगों के लिए उपलब्ध है और इसके लाइसेंस के तहत किसी को भी इसका इस्तेमाल करने, अध्ययन करने, इसमें बदलाव करने और इसे वितरित करने की अनुमति होती है लेकिन गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण इसमें फायरवॉल लगाए गए हैं।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह सुनील आह्या नामक व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है।

पीठ ने कहा, ‘‘यदि याचिकाकर्ता के पास उच्चतम न्यायालय रजिस्ट्री या संस्थान के आंतरिक कामकाज में सुधार के लिए कोई उपयोगी सुझाव हैं तो उनका हमेशा स्वागत है। उन्हें उपयुक्त रूप से शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।’’

आह्या ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत प्रशासन को निर्देश देने का अनुरोध किया था कि उच्चतम न्यायालय की मामला प्रबंधन प्रणाली से संबंधित प्रशासनिक नीति को फ्री एंड ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के लाइसेंस ढांचे तथा संचालन संबंधी सिद्धांतों के अनुरूप बनाया जाए।

भाषा अमित वैभव

वैभव