SC on GOVT Employees DA Hike: 31 मार्च तक सरकारी कर्मचारियों के खाते में आएगा महंगाई भत्ते का पैसा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया भुगतान करने का आदेश, बकाया DA के लिए किया कमेटी का गठन

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SC on GOVT Employees DA Hike: 31 मार्च तक सरकारी कर्मचारियों के खाते में आएगा महंगाई भत्ते का पैसा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया भुगतान करने का आदेश, बकाया DA के लिए किया कमेटी का गठन

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 12:45 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 02:13 PM IST

SC on GOVT Employees DA Hike: 6 मार्च तक सरकारी कर्मचारियों के खाते में आएगा महंगाई भत्ते का पैसा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया भुगतान करने का आदेश, बकाया DA के लिए किया कमेटी का गठन / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • लंबित महंगाई भत्ते का 25% हिस्सा 31 मार्च 2026 तक भुगतान का आदेश
  • पूर्व जज जस्टिस इन्दु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कमेटी बनाई गई
  • कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि "DA कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है"

नई दिल्‍ली: SC on GOVT Employees DA Hike सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया महंगाई भत्ता भुगतान के मामले में सुनवाई करते हुए ममता बनर्जी सरकार को आदेश दिया है कि बकाया DA का 25% हिस्सा 31 मार्च तक भुगतान करें। बकाया महंगाई भत्ता भुगतान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता एक कमेटी का भी गठन किया है, जो यह तय करेगा कि बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान कैसे किया जाए। सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला प्रदेश के कर्मचारियों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।

6 मार्च तक भुगतान करने का आदेश

SC on GOVT Employees DA Hike मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का 2008 से 2019 तक का महंगाई भत्ता बकाया है। बताया जा रहा है कि यहां के कर्मचारियों को अभी भी 18 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान किया जा रहा है। जबकि केंद्र सरकार की ओर से 58 प्रतिशत की दर से कर्मचारियों को डीए दिया जा रहा है। वहीं, देश के लगभग सभी राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक की दर से डीए का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही अब साल 2027 तक देश में 8वां वेतन आयोग भी लागू होने वाला है।

पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन

मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके पहले दिए गए अंतरिम आदेश के मुताबिक बकाया DA का 25% हिस्सा 31 मार्च तक दिया जाए। साथ ही बकाया का बाकी हिस्सा किस्तों मे कैसे दिया जाए, ये तय करने के लिए एक कमेटी के गठन का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन किया है। जस्टिस इंदु मलहोत्रा ,जस्टिस तरलोचन सिंह चौहान और जस्टिस गौतम विधूडी और CAG के अधिकारी की कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी तय करेगी कि किस तरह से बकाया DA दिया जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई तक कमेटी से रिपोर्ट मांगी है। मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी।

पश्चिम बंगाल vs केंद्र: डीए का बड़ा अंतर

विवरण पश्चिम बंगाल (WB) केंद्र सरकार (Central Govt)
वर्तमान डीए दर 18% 58% – 60% (अनुमानित)
अंतर (Gap) लगभग 40-42%
बकाया अवधि 2008 से 2019 (मुख्य रूप से)
कुल देय राशि ₹43,000 करोड़ (अनुमानित)

DA  कर्मचारियों का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश के 20 लाख कर्मचारियों को इस फैसले से फायदा होगा। राज्य सरकार के मुताबिक, 43 हजार करोड़ का भुगतान करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को DA उनका अधिकार है। बता दें कि मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने भी ममता बेनर्जी सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मई 2022 में राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जुलाई 2008 से लंबित महंगाई भत्ता का भुगतान तीन महीने के अंदर करे।

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25% बकाया राशि कितनी होगी?

राज्य सरकार के अनुसार कुल बकाया करीब 43,000 करोड़ रुपये है, जिसका 25% हिस्सा लगभग 10,000 से 11,000 करोड़ रुपये होगा।

यह भुगतान किसे मिलेगा?

यह राज्य सरकार के लगभग 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा, जिनका 2008 के बाद से डीए लंबित है।

31 मार्च की समय-सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?

सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक सख्त डेडलाइन के रूप में रखा है ताकि सरकार टाल-मटोल न कर सके। यदि भुगतान नहीं होता है, तो यह कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) का मामला बन सकता है।

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इस पर क्या असर होगा?

8वां वेतन आयोग 2027 में लागू होने वाला है। यदि बकाया डीए का मुद्दा अभी नहीं सुलझा, तो भविष्य में वेतन निर्धारण (Pay Fixation) में कर्मचारियों को भारी नुकसान हो सकता था।

कमेटी का मुख्य काम क्या होगा?

कमेटी राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति का आकलन करेगी और एक ऐसा रोडमैप तैयार करेगी जिससे कर्मचारियों को उनका पूरा पैसा मिल जाए और राज्य का बजट भी न चरमराए।