नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक समाचार लेख को लेकर वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन और वेब पोर्टल ‘द वायर’ के सलाहकार संपादक सहित अन्य पत्रकारों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी के संबंध में कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से शुक्रवार को असम पुलिस को रोक दिया।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब पत्रकारों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन ने कहा कि असम पुलिस अदालत द्वारा पारित पूर्व आदेशों की अवहेलना कर रही है।
उन्होंने कहा कि वरदराजन और एक सलाहकार संपादक सहित अन्य पत्रकारों को मई में दर्ज एक पुरानी प्राथमिकी में बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को तलब किया गया है और आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
पीठ ने पत्रकारों को संरक्षण देते हुए कहा कि सभी से कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। उसने पत्रकारों से जांच में शामिल होने को कहा।
गत 12 अगस्त को, शीर्ष अदालत ने वरदराजन को संरक्षण प्रदान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर पर एक लेख को लेकर उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में असम पुलिस को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया था।
भाषा वैभव मनीषा
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