कश्मीर जाने की अनुमति मांगने वाले ओसीआई कार्डधारक की याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा

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कश्मीर जाने की अनुमति मांगने वाले ओसीआई कार्डधारक की याचिका पर न्यायालय ने केंद्र से जवाब मांगा

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 04:41 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 04:41 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अमेरिका में रह रहे खालिद जहांगीर काजी की उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी बहन के परिवार में एक शादी में शामिल होने के लिए जम्मू-कश्मीर जाने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध किया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मंगलवार को 82 वर्षीय काजी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी की दलीलों पर गौर किया। त्रिपाठी ने कहा कि काजी सिर्फ शादी में शामिल होने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर जाना चाहते हैं।

भारतीय मूल के विदेशी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारक काजी पर “पाकिस्तान समर्थक प्रचार” में लिप्त होने और कश्मीरी अलगाववादियों के प्रति सहानुभूति रखने के आरोप हैं।

सरकार ने मई 2023 में यह कहते हुए उनका ओसीआई कार्ड रद्द कर दिया था कि उनकी गतिविधियां “भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रतिकूल” थीं। इसके अलावा, विदेशी अधिनियम के तहत उनका नाम काली सूची में डाल दिया गया था।

जब त्रिपाठी ने यह कहते हुए मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया कि देरी होने पर काजी शादी में शामिल नहीं हो पायेंगे, तो पीठ ने कहा कि उसे दूसरे पक्ष को भी सुनना होगा।

पीठ ने साथ ही कहा कि उनके परिवार द्वारा उनके आने की खुशी में एक और समारोह आयोजित किया जा सकता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि काजी पेशे से चिकित्सक हैं और पहले भी भारत आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि काजी और उनके रिश्तेदारों की उम्र को देखते हुए, प्रस्तावित यात्रा कश्मीर में अपने परिवार के सदस्यों से मिलने का उनका आखिरी मौका हो सकती है।

त्रिपाठी ने पीठ से कहा, ‘‘उन्होंने यह लिखित आश्वासन देने की बात कही है कि अपनी यात्रा के दौरान वह किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।’’

इन दलीलों पर गौर करते हुए पीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर के लिए तय कर दी।

काजी ने यह याचिका उनके ओसीआई दर्जे को रद्द किए जाने के खिलाफ जारी कानूनी कार्यवाही की पृष्ठभूमि में दायर की है।

दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने नवंबर 2024 में उनका ओसीआई कार्ड रद्द किए जाने के फैसले को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यह कार्रवाई करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया था।

उस आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष लंबित है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इससे पहले भारत आने की अनुमति देने के अनुरोध संबंधी काजी की याचिका खारिज कर दी थी।

न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने काजी पर ‘‘पाकिस्तान समर्थक प्रचार’’ में लिप्त होने का आरोप लगाया था, जबकि सरकार का कहना था कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े कारणों के चलते की गई थी।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश