विद्यालय सुनिश्चत करें कि बालों की लंबाई को लेकर भेदभाव न हो: केरलम बाल अधिकार आयोग

विद्यालय सुनिश्चत करें कि बालों की लंबाई को लेकर भेदभाव न हो: केरलम बाल अधिकार आयोग

विद्यालय सुनिश्चत करें कि बालों की लंबाई को लेकर भेदभाव न हो: केरलम बाल अधिकार आयोग
Modified Date: September 17, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: September 17, 2026 7:46 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 17 सितंबर (भाषा) केरलम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा है कि लड़के तथा किसी एक लिंग पहचान से खुद को नहीं जोड़ने वाले बच्चे अपनी पसंद के अनुसार बाल बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं।

आयोग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बालों की लंबाई को लेकर ऐसे बच्चों के साथ भेदभाव न करें और न ही उन्हें दंडित करें।

आयोग के सदस्य पी. शाजेश भास्कर की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि ऐसे बच्चों को अपने बाल रखने और अपनी पसंद के अनुसार पोशाक चुनने का अधिकार है।

हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि बाल साफ-सुथरे और ठीक से व्यवस्थित होने चाहिए तथा वे आंखों या चेहरे को नहीं ढकने चाहिए।

आयोग ने कहा कि प्रयोगशाला गतिविधियों, खेल प्रतियोगिताओं और प्रायोगिक कक्षाओं के दौरान सुरक्षा कारणों से विद्यार्थियों को अपने बाल बांधने चाहिए या ‘हेयर बैंड’ की मदद से उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए।

आयोग ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों या बालों के रंग के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी।

आयोग ने कहा कि स्कूल प्रबंधन को बालों की लंबाई या इससे जुड़े अन्य मामलों को लेकर लड़कों या ट्रांसजेंडर बच्चों को मानसिक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए, उन्हें कक्षाओं से बाहर नहीं करना चाहिए, उनके साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए या कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

आयोग ने निर्देश दिया कि इस संबंध में उचित दिशानिर्देश तत्काल तैयार किए जाएं और इन्हें बनाने वाली समिति में लड़कों तथा किसी एक लिंग पहचान से खुद को नहीं जोड़ने वाले बच्चों को शामिल किया जाए एवं दिशानिर्देश जारी करने से पहले उनकी राय भी ली जाए।

भाषा

शुभम राजकुमार

राजकुमार


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