एसडीएम थप्पड़ कांड: आत्मसमर्पण के बाद नरेश मीणा न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

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एसडीएम थप्पड़ कांड: आत्मसमर्पण के बाद नरेश मीणा न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 09:58 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 09:58 PM IST

जयपुर, छह अगस्त (भाषा) राजस्थान के टोंक जिले की विशेष अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी/एसटी) अदालत ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) थप्पड़ कांड से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को आत्मसमर्पण करने वाले नरेश मीणा को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मीणा ने बृहस्पतिवार दोपहर नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण किया जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। उनकी जमानत याचिका पर अब 10 अगस्त को सुनवाई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले राजस्थान उच्च न्यायालय ने एसडीएम को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के मामले में मीणा को सशर्त जमानत दी थी। हालांकि, विशेष एससी/एसटी अदालत ने जमानत की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत निरस्त कर दी थी।

आत्मसमर्पण से पहले पत्रकारों से बातचीत में मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास (भारतीय दंड संहिता की धारा 307) का आरोप गलत है और उनके खिलाफ केवल मामूली धाराएं ही लगनी चाहिए थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह संबंधित एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे तथा पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड है।

पुलिस के अनुसार, मीणा बृहस्पतिवार सुबह जयपुर से अपने समर्थकों के साथ नगरफोर्ट पहुंचे। इस दौरान जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी की।

आत्मसमर्पण के बाद उन्हें करीब 20 मिनट तक नगरफोर्ट थाने में रखा गया और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया।

प्रशासन ने आत्मसमर्पण को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट विनोद कुमार मीणा ने बताया कि टोंक, देवली और नगरफोर्ट क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।

साथ ही टोंक, देवली और उनियारा के कुछ इलाकों में बड़ी भीड़ जुटने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई थी।

यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान सामने आया था। प्रशासनिक क्षेत्राधिकार से जुड़ी मांग को लेकर समरावता गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था।

पुलिस के अनुसार, उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और इसी दौरान उन्होंने एसडीएम अमित चौधरी को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया था।

भाषा बाकोलिया संतोष

संतोष