सरकारी विद्यालयों के भवनों की दोबारा होगी सुरक्षा जांच: अतिरिक्त मुख्य सचिव

सरकारी विद्यालयों के भवनों की दोबारा होगी सुरक्षा जांच: अतिरिक्त मुख्य सचिव

सरकारी विद्यालयों के भवनों की दोबारा होगी सुरक्षा जांच: अतिरिक्त मुख्य सचिव
Modified Date: June 30, 2026 / 10:38 pm IST
Published Date: June 30, 2026 10:38 pm IST

जयपुर, 30 जून (भाषा) राजस्थान सरकार ने सभी राजकीय विद्यालयों के भवनों का दोबारा भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। जांच में जो भवन या कक्ष असुरक्षित पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से उपयोग से बाहर कर दिया जाएगा।

यह निर्णय मंगलवार को शासन सचिवालय में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया।

बैठक में यादव ने निर्देश दिए कि पहले से चिन्हित जर्जर विद्यालय भवनों के साथ-साथ वर्तमान में उपयोग किए जा रहे सभी विद्यालय भवनों की भी गहन जांच कराई जाए।

उन्होंने प्रत्येक भवन की सुरक्षा का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों एवं नियमों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जो भी भवन या कक्ष किसी भी दृष्टि से असुरक्षित पाए जाएं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए, अवरोधक लगाकर उपयोग से बाहर किया जाए और उनकी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विद्यालय भवनों की मरम्मत तथा नए भवनों के निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा की गई।

यादव ने कहा कि विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

उन्होंने बताया कि बजट घोषणाओं के तहत वर्ष 2025-26 में राज्यभर में 2,000 से अधिक विद्यालयों से संबंधित विकास एवं निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, वर्ष 2026-27 में करीब 550 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण और विकास कार्य कराए जाएंगे।

इसके अलावा विद्यालयों के विकास के लिए भामाशाहों, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) और अन्य उपलब्ध संसाधनों से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि सरकारी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

बैठक में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मी शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट, संयुक्त सचिव महेंद्र कुमार खिंची, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक-द्वितीय अशोक कुमार मीणा, अधीक्षण अभियंता गिरिराज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भाषा

बाकोलिया रवि कांत


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