एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में अब ‘सेंगोल’ के बारे में पढ़ाया जाएगा
एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में अब ‘सेंगोल’ के बारे में पढ़ाया जाएगा
नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) नए संसद भवन में वर्ष 2023 में स्थापित किये गये ‘सेंगोल’ के बारे में अब एनसीईआरटी की कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में पढ़ाया जाएगा। किताब में ‘सेंगोल’ को ‘‘शासन और सुशासन का सांस्कृतिक प्रतीक’’ बताया गया है और इसकी परंपरा को चोल काल से जोड़ा गया है।
‘‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’’ नामक यह पाठ्यपुस्तक नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के छह महीने बाद मंगलवार को जारी की गई। पाठ्यपुस्तक का पहला भाग जून में जारी किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मई, 2023 को नए संसद भवन के भीतर लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास ऐतिहासिक सेंगोल (राजदंड) स्थापित किया था।
पाठ्यपुस्तक में कहा गया है, ‘‘शासन और सुशासन के सांस्कृतिक प्रतीक सेंगोल को वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की नवनिर्मित संसद भवन में स्थापित किया। सेंगोल को न्यायपूर्ण शासन के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करने की परंपरा एक हजार वर्ष से अधिक पहले चोल राजवंश के शासनकाल में शुरू हुई थी।’’
अध्याय में सेंगोल के संबंध को स्वतंत्रता के समय सत्ता हस्तांतरण से भी जोड़ा गया है।
इसमें कहा गया है, ‘‘भारत की स्वतंत्रता के अवसर को चिह्नित करने के लिए 15 अगस्त, 1947 की मध्यरात्रि को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने तमिलनाडु के अधीनम संतों (एक प्राचीन शैव परंपरा) से सेंगोल प्राप्त किया था।’’
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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