जम्मू-कश्मीर में सजा से मुक्ति का भाव आम धारणा बन गई है : महबूबा मुफ्ती

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जम्मू-कश्मीर में सजा से मुक्ति का भाव आम धारणा बन गई है : महबूबा मुफ्ती

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 09:17 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 09:17 PM IST

श्रीनगर, 22 मई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में खामोशी और ‘‘दंडमुक्ति’’ एक ‘‘सामान्य बात’’ बन गई है।

उन्होंने कुलगाम जिले की एक गुफा में एक व्यक्ति पर भालू के हमले की खबरों का हवाला दिया, जिसे कथित तौर पर सेना ने तलाशी अभियान के दौरान ‘मानव ढाल’ के रूप में इस्तेमाल किया था।

महबूबा मुफ्ती ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि पुलिस या सेना ने अब तक कथित घटना पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य की मुख्यमंत्री रहीं मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ खुल नूरबाद के मोहम्मद जहांगीर मलिक को कथित तौर पर गुर्जर बस्ती में तलाशी अभियान के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के जवानों द्वारा मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की घटना को एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है। अभियान के दौरान एक गुफा में प्रवेश करने के लिए मजबूर किए जाने पर, उन पर एक भालू ने हमला किया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन आज तक न तो पुलिस ने और न ही संबंधित आरआर कैंप ने कोई कार्रवाई की है। चुप्पी और दंडमुक्ति की धारणा आम बात हो गई है।’’

सेना ने अबतक इस कथित घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश