गंभीर भ्रष्टाचार ने भारत की आर्थिक गतिशीलता के प्रबल प्रयास को गंभीर रूप से बाधित किया: अदालत

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गंभीर भ्रष्टाचार ने भारत की आर्थिक गतिशीलता के प्रबल प्रयास को गंभीर रूप से बाधित किया: अदालत

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  • Publish Date - December 21, 2022 / 10:58 PM IST,
    Updated On - December 21, 2022 / 10:58 PM IST

नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डीए) अर्जित करने के मामले में बीएसएनएल के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी को दोषी ठहराते हुए बुधवार को कहा कि गंभीर भ्रष्टाचार ने भारत की आर्थिक गतिशीलता के प्रबल प्रयास को गंभीर रूप से बाधित किया है।

विशेष न्यायाधीश नमृता अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में तैनात बीएसएनएल के पूर्व महाप्रबंधक आरपीएस पंवार को आय के ज्ञात स्रोतों से ‘अत्यधिक’ संपत्ति अर्जित करने का दोषी ठहराया।

उन्होंने पंवार की पत्नी लक्ष्मी देवी, पुत्रों- मुकेश कुमार पंवार और दिनेश कुमार पंवार तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट ज्ञान प्रकाश अग्रवाल को भी अपराध के लिए उकसाने का दोषी ठहराया।

न्यायाधीश ने कहा कि भ्रष्टाचार-रोधी सुधार प्रक्रिया में एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने से एक देश काफी हद तक भ्रष्टाचार को कम करने की अपनी क्षमता का निर्माण कर सकता है, ‘लेकिन प्रबुद्ध और दृढ़ जनता के बिना तथा बगैर प्रेरणा के एवं सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का बेहतर नेतृत्व किए बिना इनमें से किसी से भी निपटा नहीं जा सकता है।

न्यायाधीश ने पंवार को भ्रष्टाचार के अपराध के लिए दोषी ठहराया। अदालत 13 फरवरी को सजा की अवधि पर सुनवाई करेगी।

भाषा सुरेश अमित

अमित