शबाना आजमी कॉजपा के विरोध मार्च में शामिल हुईं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया

शबाना आजमी कॉजपा के विरोध मार्च में शामिल हुईं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया

शबाना आजमी कॉजपा के विरोध मार्च में शामिल हुईं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया
Modified Date: July 20, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: July 20, 2026 6:38 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों का साथ देने पहुंचीं और कहा कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोग शांतिपूर्ण विरोध के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

अभिनेत्री ने मार्च के दौरान पीटीआई-वीडियो से कहा कि प्रदर्शनकारियों का हिंसा करने का कोई इरादा नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘हम यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए हैं। यह अधिकार हमें संविधान ने दिया है। महात्मा गांधी ने हमें अहिंसा का मार्ग दिखाया है। हमारा हिंसा करने का कोई इरादा नहीं है।’

परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के ‘चलो संसद’ मार्च के तहत सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्ग के निकट एकत्र हुए और संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन के बाद इस आंदोलन ने गति पकड़ ली है और बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी इसमें शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

बॉलीवुड कलाकारों के आंदोलन से दूर रहने के बारे में पूछे जाने पर आजमी ने कहा कि अनावश्यक विवाद पैदा करने के बजाय आंदोलन के मूल मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘आपको सिर्फ इस बात की चिंता है कि बॉलीवुड के लोग मार्च में क्यों नहीं हैं। आपको उद्योगपतियों और कारोबारियों की गैरमौजूदगी की चिंता नहीं है। ऐसे सवाल पूछकर आप असली मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं और अनावश्यक विवाद पैदा कर रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए मार्च कर रहे लोगों का समर्थन कीजिए, न कि मुद्दे को कमजोर कीजिए।’

अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉजपा 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है।

संगठन की मांग है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए और प्रभावित छात्रों को न्याय मिले।

आजमी ने रविवार को भी जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई थी।

आजमी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उन्होंने और उनके पति तथा गीतकार जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। जावेद साहब ने भी पत्र लिखकर कहा, ‘कृपया बातचीत शुरू कीजिए। हम प्रेस के पास नहीं जा रहे हैं। हम इसे सार्वजनिक मुद्दा नहीं बनाएंगे। राज्यसभा के पूर्व सदस्य होने के नाते मैं यह अनुरोध कर रहा हूं। कम से कम हमारी बात तो सुनिए।”

आजमी ने कहा, ‘शुरुआत में हमें यह सूचना मिली थी कि दो दिन के भीतर जवाब दिया जाएगा। लेकिन न दो दिन में जवाब आया, न तीन दिन में और न ही चार दिन में। इसलिए पांचवें दिन हम खुद यहां आ गए।’

भाषा

राखी नरेश

नरेश


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