ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के बलिदान को एक साल बाद स्वीकारना शर्मनाक : कांग्रेस

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ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए सैन्यकर्मियों के बलिदान को एक साल बाद स्वीकारना शर्मनाक : कांग्रेस

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 09:16 PM IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) कांग्रेस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के बलिदान को ‘एक साल तक आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दिए जाने’ को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला और इसे शर्मनाक करार दिया।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि राष्ट्रवाद की बातें करने वाली सरकार ने इन वीर जवानों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे।

मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की एक दीवार पर अंकित किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के बाद पहली बार सरकार ने छह शहीद सैन्यकर्मियों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।

खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार, 4 जम्मू एवं कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार, 5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार, 851 लाइट रेजिमेंट के एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनायक, 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह और 39 विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार। ये भारत के वे वीर सपूत हैं, जिन्होंने पहलगाम हमले के बाद हमारी बहनों के सिंदूर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इनके नाम देश की सामूहिक स्मृति में अंकित होने चाहिए थे। इनके परिवारों को एक कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उनके बलिदान का सम्मान मिलता हुआ दिखना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय, भाजपा सरकार ने पूरे एक साल तक उनकी शहादत को देश से छिपाए रखा।’’

खेड़ा ने दावा किया कि राष्ट्रवाद की लंबी-लंबी बातें करने वाली सरकार ने इन वीरों को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद शर्मनाक है।’’

भाषा हक

राखी दिलीप

दिलीप