अहिल्यानगर (महाराष्ट्र), 30 अगस्त (भाषा) मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन के फिर से शुरू होने के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि इन मुद्दों को हल करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन आवश्यक है, क्योंकि कुल आरक्षण की एक सीमा है।
उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत मराठा खेती पर निर्भर हैं लेकिन केवल कृषि ही उनका भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती, इसलिए आरक्षण ही एकमात्र विकल्प है।
पवार ने यहां एक समारोह में कहा कि वह अन्य सांसदों के साथ संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता पर चर्चा कर रहे हैं।
पवार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने आरक्षण को लेकर 52 प्रतिशत की सीमा तय की है, लेकिन तमिलनाडु में 72 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र की भूमिका पारदर्शी और स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश को एक समान नीति की आवश्यकता है ताकि समाज में कोई कटुता नहीं रहे।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारंगे ने ओबीसी कोटे में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार को मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।
भाषा संतोष माधव
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