नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) सरकारी स्वास्थ्य व्यय में वृद्धि से लोगों की जेब से होने वाले खर्च (आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च) का हिस्सा 2013-14 की तुलना में अब 21 प्रतिशत अंकों तक कम हुआ है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि कुल स्वास्थ्य व्यय में शामिल आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च 2022-23 में 43.4 प्रतिशत आंका गया, जबकि 2013-14 में यह 64.2 प्रतिशत था।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कुल स्वास्थ्य व्यय के हिस्से के रूप में आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च घटना स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता को दर्शाती है, जिससे परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है।
अधिकारियों ने कहा कि यह देश भर में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) शुरू किए जाने का स्पष्ट प्रभाव है, जिनसे लोगों को अपने आसपास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
भाषा जोहेब माधव
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