शिंदे गुट का ‘शिवसेना’ नाम और उसके चुनाव चिह्न का इस्तेमाल गैर-कानूनी : उद्धव गुट ने अदालत से कहा

शिंदे गुट का ‘शिवसेना’ नाम और उसके चुनाव चिह्न का इस्तेमाल गैर-कानूनी : उद्धव गुट ने अदालत से कहा

शिंदे गुट का ‘शिवसेना’ नाम और उसके चुनाव चिह्न का इस्तेमाल गैर-कानूनी : उद्धव गुट ने अदालत से कहा
Modified Date: August 19, 2026 / 07:52 pm IST
Published Date: August 19, 2026 7:52 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) उद्धव ठाकरे गुट ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि एकनाथ शिंदे गुट का ‘शिवसेना’ नाम और उसके चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करना ‘‘गैर-कानूनी’’ है।

शीर्ष अदालत से अनुरोध किया गया कि अगर वह तुरंत ठाकरे गुट को चुनाव चिह्न वापस नहीं दे सकती, तो कम से कम शिंदे गुट को इसका इस्तेमाल करने से रोके।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को यह भी बताया गया कि एकनाथ शिंदे गुट के विधायक, जो कथित तौर पर दल-बदल के कारण पद से अयोग्य ठहराए जाने की कार्रवाई का सामना कर रहे है, यह दावा नहीं कर सकते कि वे ही असली राजनीतिक पार्टी हैं।

ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत ने कहा कि शिंदे गुट को ‘‘असली’’ पार्टी के तौर पर मान्यता देना एक ‘‘संवैधानिक पाप’’ को इनाम देने जैसा होगा।

कामत ने कहा, ‘‘पद से अयोग्य ठहराए जाने की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायक यह बचाव नहीं कर सकते कि वे ही असली राजनीतिक पार्टी हैं।’’

सातवें दिन अपनी आखिरी दलीलें रखते हुए, सिब्बल ने पीठ से निर्वाचन आयोग के उस फैसले को रद्द करने की अपील की जिसके तहत शिंदे गुट को ‘‘धनुष-बाण’’ चुनाव चिह्न दिया गया था।

उन्होंने शिंदे गुट के विधायी बहुमत पर जोर देने की आलोचना करते हुए कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) इसलिए बनाई गई थी ताकि ‘‘दल-बदल के पाप को शुरुआत में ही रोका जा सके’’।

सिब्बल ने कहा, ‘‘कृपया दसवीं अनुसूची की ऐसी व्याख्या न करें जिससे दल-बदल को बढ़ावा मिले। दल-बदल एक संवैधानिक पाप है।’’

कामत ने लोकसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग के सामने एक साथ चल रही कार्यवाही से जुड़ी कानूनी ‘‘उलझन’’ पर ध्यान दिलाया।

उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के पक्ष में लोकसभा अध्यक्ष का आदेश ‘‘गैर-कानूनी’’ था और चुनाव चिह्न के विवाद पर उसका ‘‘साफ असर’’ पड़ा।

मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।

यह पीठ उद्धव गुट की उन याचिकाओं पर दलीलें सुन रही है, जिनमें निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी जिसके तहत एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना माना गया और पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ उन्हें (शिंदे गुट को) सौंप दिया गया।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश


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